शिमला । राजवीर दीक्षित
(Crucial Himachal Cabinet meeting today; 150 issues up for deliberation; absence of two ministers sparks discussion) हिमाचल प्रदेश में शनिवार को सुक्खू मंत्रिमंडल की अहम बैठक के साथ सरकारी गलियारों में हलचल तेज हो गई। सचिवालय में सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक में करीब 150 एजेंडा आइटम शामिल होने की जानकारी है। शिक्षा विभाग में करीब चार हजार शिक्षकों के पद भरने, जलशक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती और नई पोषण नीति को मंजूरी देने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर फैसले होने की उम्मीद है।
नौकरियों से लेकर नई नीतियों तक, इस बैठक से प्रदेश के कई वर्गों की उम्मीदें जुड़ी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लंबे समय से लंबित प्रस्तावों पर इस बार फैसला हो पाएगा और क्या बेरोजगार युवाओं को भर्ती के मामले में कोई बड़ी राहत मिलेगी?
बैठक शुरू होते ही मंत्रियों की उपस्थिति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। शुरुआत में तीन मंत्री सचिवालय नहीं पहुंचे थे। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह बैठक शुरू होने के बाद पहुंचे, जबकि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर बैठक में नहीं पहुंचे थे।
एक तरफ अहम प्रस्तावों पर मंथन, तो दूसरी तरफ मंत्रियों की गैरमौजूदगी ने भी ध्यान खींचा। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू शनिवार सुबह करीब आठ बजे चंडीगढ़ से शिमला पहुंचे। सचिवालय में उन्होंने लोगों से मुलाकात भी की। शनिवार को अवकाश होने के बावजूद मंत्रिमंडल की बैठक के चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही शुरू हो गई। विभिन्न विभागों में कैबिनेट के लिए भेजे जाने वाले प्रस्तावों को लेकर भी हलचल बनी रही।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के लिए करीब 150 एजेंडा आइटम प्रस्तावित हैं। इनमें से लगभग 20 प्रस्ताव सुबह ही कैबिनेट के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर चर्चा होगी या किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी, यह मंत्रिमंडल की कार्यवाही और अंतिम निर्णयों पर निर्भर करेगा।
अब सबसे ज्यादा नजरें शिक्षा विभाग की भर्ती पर टिकी हुई हैं। बैठक में करीब चार हजार शिक्षकों के पद भरने के प्रस्ताव पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा जलशक्ति विभाग में मल्टी टास्क वर्कर्स की भर्ती और नई पोषण नीति को मंजूरी देने जैसे विषय भी एजेंडे में शामिल बताए जा रहे हैं। यदि इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय होता है, तो रोजगार और संबंधित विभागों की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले दो बार मंत्रिमंडल की बैठक स्थगित हो चुकी है। ऐसे में इस बैठक को लेकर कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लंबे समय से लंबित प्रस्तावों पर निर्णय होने की संभावना के बीच सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
क्या इस बार रोजगार से जुड़े प्रस्तावों को हरी झंडी मिलेगी? क्या लंबित मामलों पर फैसला होगा या कुछ मुद्दों के लिए इंतजार और बढ़ेगा? इन सवालों का जवाब कैबिनेट के आधिकारिक निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगा।


















