शिमला । राजवीर दीक्षित
(Himachal Congress gathers in Delhi; CM Sukhu and several ministers to join the march) दिल्ली में वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। हिमाचल प्रदेश से करीब दो हजार कांग्रेस कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी दिल्ली पहुंचे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट तक निकाले जाने वाले मार्च में शामिल होंगे।
इस प्रदर्शन में हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पहुंचे हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी को कांग्रेस के इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है।
दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल भवन के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की और प्रदर्शन को लेकर चर्चा की। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद हुआ। हिमाचल भवन के बाहर मुख्यमंत्री की मौजूदगी से प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बातचीत करने का अवसर मिला।
कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार, रोहित ठाकुर, विक्रमादित्य सिंह, यादविंद्र गोमा, अनिरुद्ध सिंह और राजेश धर्माणी सहित कई विधायक भी दिल्ली में मौजूद रहे। इस तरह मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने प्रदर्शन को व्यापक राजनीतिक स्वरूप दिया।
कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों पर स्पष्टता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि मतदाताओं का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर विश्वास बना रहे।
कांग्रेस का तर्क है कि मताधिकार की सुरक्षा और चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है। पार्टी इसी मुद्दे को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रही है और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में है।
हिमाचल प्रदेश से करीब दो हजार कार्यकर्ताओं का दिल्ली पहुंचना इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। सभी जिलों से नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पार्टी इस मुद्दे को राज्य स्तर पर भी प्रमुखता से उठा रही है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी ने इस विरोध प्रदर्शन को और राजनीतिक महत्व दिया है।
दिल्ली में जारी इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का मुख्य जोर चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों के मुद्दे पर है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी का यह अभियान आगे किस दिशा में बढ़ता है और चुनावी प्रक्रिया को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर इसका क्या असर पड़ता है।


















