Home Khas Khaber नशे का बड़ा संकट, 31-45 साल के लोग सबसे ज्यादा चपेट में

नशे का बड़ा संकट, 31-45 साल के लोग सबसे ज्यादा चपेट में

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित 
(Major drug abuse crisis; people aged 31–45 most affected) हरियाणा में नशे की समस्या को लेकर सरकारी आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में नशे से जुड़े कुल 2,42,302 पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें 31 से 45 वर्ष के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा 1,03,959 यानी करीब 43 प्रतिशत है। आंकड़ों में 18 साल से कम उम्र के 1,702 बच्चों के पंजीकरण भी सामने आए हैं।

सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और अंत्योदय (SEWA) विभाग के आंकड़ों के अनुसार, भुक्की और अफीम नशे के प्रमुख रूपों में शामिल हैं। पंजाब से सटे सिरसा जिले में नशे के मरीजों का पंजीकरण सबसे अधिक दर्ज किया गया है।

सिरसा में सबसे ज्यादा मरीज, हांसी सबसे नीचे

जिलावार आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा में कुल 1,54,501 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें सिरसा 35,992 पंजीकरण के साथ पहले स्थान पर है। इसके बाद कैथल में 24,823, अंबाला में 16,810, फतेहाबाद में 14,529 और कुरुक्षेत्र में 14,220 पंजीकरण दर्ज किए गए।

सबसे कम पंजीकरण हांसी में 103, झज्जर में 124 और रेवाड़ी में 131 रहे।

भुक्की-अफीम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा

नशे के प्रकार के अनुसार पंजीकरण में भुक्की सबसे आगे है। इसके बाद अफीम और हेरोइन का स्थान है।

नशे का प्रकार पंजीकरण
भुक्की 68,223
अफीम 51,317
हेरोइन 30,960
ओपिओइड-डोडा 21,822
शराब 20,964
अन्य पदार्थ 16,629
तंबाकू 14,732
स्मैक 11,238

अलग-अलग नशीले पदार्थों के आंकड़े मरीजों की संख्या से अधिक हैं, क्योंकि एक व्यक्ति एक से ज्यादा पदार्थों का सेवन कर सकता है। ऐसे मामलों में मरीज का पंजीकरण एक बार होता है, लेकिन उसे इस्तेमाल किए जाने वाले प्रत्येक पदार्थ की श्रेणी में गिना जाता है।

18 से 30 साल के 56 हजार से ज्यादा पंजीकरण

उम्र के हिसाब से 18 से 30 वर्ष के लोगों के 56,363 पंजीकरण दर्ज किए गए। वहीं, 46 से 60 वर्ष के आयु वर्ग में 53,542 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में 26,810 पंजीकरण हुए।

हेरोइन के मामलों में 18 से 30 वर्ष का आयु वर्ग सबसे आगे रहा, जहां 14,303 पंजीकरण दर्ज किए गए। 31 से 45 वर्ष के लोगों में हेरोइन के 13,407 पंजीकरण हुए। इसके विपरीत भुक्की और अफीम के मामलों में 31 से 45 वर्ष का वर्ग सबसे आगे रहा।

पुरुषों की संख्या सबसे ज्यादा

जिलावार मरीजों के आंकड़ों में 1,53,032 पुरुष और 1,335 महिलाएं पंजीकृत हैं। शेष पंजीकरण ट्रांसजेंडर श्रेणी में दर्ज किए गए। महिलाओं के मामलों में 414 पंजीकरण अन्य नशीले पदार्थों, 370 भुक्की, 323 हेरोइन और 287 अफीम से संबंधित हैं।

उपचार के आंकड़ों के अनुसार, 1,47,947 मरीजों का पंजीकरण बाह्य रोगी विभाग (OPD) में और 6,554 का भर्ती मरीजों (IPD) के रूप में हुआ।

सरकार का दावा—सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई निगरानी

हरियाणा के SEWA मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सरकार नशे की समस्या को लेकर गंभीर है। उनके अनुसार, पंजाब से लगते जिलों में विशेष टीमें बनाई गई हैं। सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में पुनर्वास केंद्र खोलने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में नशे की समस्या केवल युवाओं तक सीमित नहीं है। खासकर 31 से 45 वर्ष के आयु वर्ग में सबसे ज्यादा पंजीकरण और सिरसा जैसे सीमावर्ती जिले में बड़ी संख्या में मरीज दर्ज होना चिंता का विषय है। हालांकि, ये आंकड़े पंजीकरण और उपचार से जुड़े हैं; इन्हें राज्य में नशा करने वाले सभी लोगों की कुल संख्या नहीं माना जा सकता।

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