Home India सूरज के ध्रुवों की चमक का खुला राज, वैज्ञानिकों ने खंगाला 30...

सूरज के ध्रुवों की चमक का खुला राज, वैज्ञानिकों ने खंगाला 30 साल का डेटा

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(Secret behind the brightness of the Sun’s poles revealed; scientists analyzed 30 years of data) सूर्य के ध्रुव बाकी हिस्सों के मुकाबले रेडियो और माइक्रोवेव तरंगों में ज्यादा चमकीले क्यों दिखाई देते हैं? भारतीय वैज्ञानिकों ने करीब तीन दशक के आंकड़ों का विश्लेषण कर इस रहस्य को समझने की दिशा में अहम सफलता हासिल की है। शोध से पता चला है कि सूर्य के ध्रुवों की यह अतिरिक्त चमक उसके चुंबकीय क्षेत्र और ध्रुवीय वातावरण की संरचना से गहराई से जुड़ी है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, सूर्य के ध्रुवों पर होने वाली गतिविधियां उसके चुंबकीय क्षेत्र के विकास और सौर पवन के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। सौर गतिविधियों का असर पृथ्वी पर उत्तरी रोशनी, भू-चुंबकीय तूफानों, उपग्रहों के संचालन और रेडियो संचार पर भी पड़ता है।

30 साल के आंकड़ों से खोजा संबंध

इस अध्ययन में नैनीताल स्थित आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान अनुसंधान संस्थान, उदयपुर सौर वेधशाला, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय और आईआईटी दिल्ली, गांधीनगर व रुड़की के शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

वैज्ञानिकों ने जापान के नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ से करीब तीन दशकों के रेडियो आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसके साथ नासा के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी से मिले चरम पराबैंगनी (EUV) आंकड़ों और अमेरिका के विलकॉक्स सोलर ऑब्जर्वेटरी के चुंबकीय क्षेत्र संबंधी मापों का भी इस्तेमाल किया गया।

चुंबकीय क्षेत्र से जुड़ी है ध्रुवों की चमक

शोध में सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर चमक के दीर्घकालिक बदलाव में अंतर पाया गया। वैज्ञानिकों ने इस चमक की तुलना ध्रुवीय कोरोनल होल के आकार और चुंबकीय क्षेत्र की ताकत से की।

अध्ययन में माइक्रोवेव चमक और कोरोनल होल के आकार के बीच मजबूत संबंध मिला, जबकि सूर्य के ध्रुवीय चुंबकीय क्षेत्र की ताकत के साथ यह संबंध और भी अधिक मजबूत पाया गया। कोरोनल होल सूर्य के ऐसे क्षेत्र हैं, जहां चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं मुख्य रूप से खुली होती हैं और तेज गति वाली सौर पवन बाहर निकल सकती है।

छोटी चुंबकीय गतिविधियां भी अहम

वैज्ञानिकों ने माइक्रोवेव में चमकने वाले छोटे क्षेत्रों की तुलना EUV तस्वीरों से भी की। कई चमकीले क्षेत्र सूर्य के वातावरण में मौजूद छोटे सक्रिय हिस्सों, जिन्हें कोरोनल ब्राइट पॉइंट्स कहा जाता है, से मेल खाते मिले। कुछ मामलों में इनका संबंध कोरोनल जेट्स से भी पाया गया।

निष्कर्ष बताते हैं कि सूर्य के ध्रुवों की चमक केवल बड़े चुंबकीय ढांचे से नहीं, बल्कि छोटे स्तर पर होने वाली चुंबकीय गतिविधियों से भी प्रभावित होती है। यह शोध द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह अध्ययन सूर्य के ध्रुवीय वातावरण, चुंबकीय गतिविधियों और सौर पवन की उत्पत्ति को समझने में मददगार साबित हो सकता है।

खबर को आसान हिंदी में लिखेंशीर्षक को और ज्यादा सनसनीखेज बनाएं
Translate »
error: Content is protected !!