पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा का उद्देश्य अनधिकृत प्रदर्शन को रोकना और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। नयी दिल्ली रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी की ओर से प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन 7 अक्तूबर को दिया गया था, जबकि ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं।
पुराने प्रदर्शन का हवाला, अनुमति देने से इनकार
पुलिस ने बताया कि जुलाई में सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कथित तौर पर कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया। इसी आधार पर इस बार अनुमति नहीं दी गई। पुलिस ने यह भी कहा कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति और यातायात को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।
नयी दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने, तोड़फोड़ करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
57 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही प्रभावित
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शुक्रवार रात 9 बजे से अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की गई है। यह प्रतिबंध 10 अक्तूबर को भी जारी रहने हैं। प्रभावित स्टेशनों में राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, कश्मीरी गेट, जनपथ, मंडी हाउस, सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट और चांदनी चौक सहित कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी। यात्रियों को सफर से पहले मेट्रो सेवाओं की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
रेलवे और सड़क यातायात पर भी असर संभव
शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कई ट्रेनें रद्द होने की सूचना है। राजधानी की सीमाओं, बस टर्मिनलों, होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों पर भी जांच बढ़ाई जा रही है।
पुलिस ने कई स्थानों पर मॉक ड्रिल की है। सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां भी लगाई जा सकती हैं। नौ और 10 अक्तूबर को शराब की दुकानें बंद रखने का आदेश भी दिया गया है। नयी दिल्ली क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर संभावित रोक को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां स्थिति का आकलन कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी नजर
पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए लामबंदी से जुड़े 200 से अधिक कंटेंट क्रिएटर जांच के दायरे में हैं। सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा कैमरों की व्यवस्था की गई है।
प्रस्तावित प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। ये आरोप प्रदर्शन से जुड़े पक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
सुरक्षा बंदोबस्त के कारण मेट्रो यात्रियों, रेल यात्रियों और दिल्ली आने-जाने वालों को परेशानी हो सकती है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले संबंधित परिवहन सेवाओं के आधिकारिक अपडेट देखने और अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी जाती है।


















