एसआईआर पर लगाए रोक, ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर अड़े
शिमला । राजवीर दीक्षित
हिमाचल के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन निर्णायक संघर्ष कर रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के जरिए विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और जनता के मताधिकार का मुद्दा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की इस लड़ाई में विपक्ष पूरी ताकत से डटा है और पीछे हटने वाला नहीं है।
मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी, चंदा चोरी और ऑपरेशन लोटस जैसी गतिविधियां लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आह्वान पर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता एकजुट होकर इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं, जनता के मताधिकार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है।
उन्होंने मांग की कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाई जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान करोड़ों लोगों के नाम मतदाता सूचियों से काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मताधिकार से वंचित किए जाने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उप मुख्यमंत्री ने दिल्ली में बैरिकेडिंग तथा मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंधों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने इसे तानाशाहीपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने वालों के रास्ते रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता अपने मताधिकार को लेकर जागरूक हो रही है और विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
मुकेश अग्निहोत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर प्रणाली बहाल करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों पर कार्रवाई की पैरवी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।


















