Home Nangal News जर्जर मकानों से खाली सरकारी आवासों तक, गोवर्धन सोनी ने उठाए सवाल

जर्जर मकानों से खाली सरकारी आवासों तक, गोवर्धन सोनी ने उठाए सवाल

नंगल। राजवीर दीक्षित 

(From dilapidated houses to vacant government-provided residences, Govardhan Soni has raised questions) भाजपा नेता गोवर्धन सोनी ने नंगल शहर के लगभग 30 वर्षों से लंबित BBMB लीज विवाद के स्थायी एवं मानवीय समाधान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को विस्तृत मांग पत्र भेजकर विशेष हस्तक्षेप की मांग की है। इस मांग पत्र में उन्होंने जर्जर मकानों में रह रहे हजारों परिवारों की सुरक्षा, शहर के रुके हुए विकास, व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव तथा खाली पड़े सरकारी आवासों और भूमि के उचित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

गोवर्धन सोनी ने कहा कि नंगल केवल एक शहर नहीं, बल्कि भाखड़ा-नंगल परियोजना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला ऐतिहासिक एवं औद्योगिक नगर है। यहां के अनेक परिवारों ने दशकों तक देश की सेवा और औद्योगिक विकास में योगदान दिया है। इसके बावजूद BBMB की लीज व्यवस्था से जुड़े विवाद के कारण नागरिकों को लंबे समय से अनिश्चितता और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर चिंता नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा है। नंगल में अनेक मकान अत्यंत जर्जर अवस्था में हैं। कई घरों की छतों से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और बरसात के दौरान पानी टपकने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे मकानों में रहने वाले परिवारों को हर समय किसी अप्रिय घटना का भय बना रहता है। दूसरी ओर, लीज संबंधी प्रतिबंधों के कारण मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में भी कठिनाइयां आने की शिकायतें हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए BBMB तथा संबंधित प्रशासन को तत्काल तकनीकी निरीक्षण करवाने के निर्देश दिए जाएं। अत्यंत जर्जर मकानों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्पष्ट अंतरिम व्यवस्था बनाई जाए तथा पात्र मामलों में अनुमति देने की समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की जाए।

तीन दशकों से विकास और व्यापार प्रभावित

गोवर्धन सोनी ने मांग पत्र में उल्लेख किया कि लीज विवाद के लंबे समय तक अनसुलझे रहने से नंगल में आवासीय कॉलोनियों, बाजारों, संपत्तियों के विकास और नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में अनिश्चितता बनी हुई है। BBMB के अनेक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ सरकारी आवास लंबे समय से खाली पड़े हैं। उचित नीति के अभाव में इन संपत्तियों का प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में शिवालिक सिनेमा तथा छोटे बाजार के कुछ हिस्सों के ध्वस्त होने से संबंधित घटनाओं का उल्लेख करते हुए स्थानीय लोग रोजगार और व्यापार पर पड़े प्रभाव की चिंता भी व्यक्त करते रहे हैं। नंगल जैसे ऐतिहासिक औद्योगिक शहर में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए लीज विवाद का समाधान अत्यंत आवश्यक है।

राजनीतिक आश्वासनों से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई जरूरी

गोवर्धन सोनी ने कहा कि स्थानीय नागरिकों के अनुसार, 8 जनवरी 2008 को इस मुद्दे को लेकर नंगल बंद और विरोध प्रदर्शन भी हुआ था। इसके बावजूद लगभग तीन दशकों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अब नागरिक केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट समयसीमा, जवाबदेही और ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के पक्ष-विपक्ष का नहीं, बल्कि नंगल के नागरिकों की सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन, संपत्ति और भविष्य से जुड़ा विषय है।

प्रधानमंत्री से की गईं पांच प्रमुख मांगें

गोवर्धन सोनी ने प्रधानमंत्री से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह किया है:

1. तत्काल राहत एवं सुरक्षा: BBMB और संबंधित प्रशासन द्वारा जर्जर मकानों का प्राथमिकता के आधार पर तकनीकी निरीक्षण करवाया जाए तथा आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्निर्माण के लिए सुरक्षा मानकों के अनुरूप अंतरिम व्यवस्था बनाई जाए।
2. उच्चस्तरीय संयुक्त समिति का गठन: केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों, BBMB प्रबंधन, पंजाब सरकार, स्थानीय प्रशासन, व्यापारिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों को शामिल करके उच्चस्तरीय समिति बनाई जाए, जो तीन महीने के भीतर व्यावहारिक समाधान संबंधी सिफारिशें प्रस्तुत करे।
3. किफायती एवं न्यायसंगत लीज नीति: नंगल की वास्तविक परिस्थितियों, नागरिकों की आर्थिक क्षमता और लागू कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी, न्यायसंगत और आम परिवारों के लिए वहनीय लीज नीति बनाई जाए। इसमें पात्र मामलों में लीज नवीनीकरण, हस्तांतरण, मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा संपत्तियों के उपयोग से संबंधित स्पष्ट नियम निर्धारित किए जाएं।
4. खाली सरकारी आवासों एवं भूमि का सदुपयोग: BBMB के खाली पड़े आवासों और उपलब्ध भूमि का सर्वेक्षण करवाकर नियमानुसार सुरक्षित, पारदर्शी एवं जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि नंगल के विकास, आवासीय जरूरतों, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।
5. समयबद्ध कार्ययोजना एवं जवाबदेही: पूरे विवाद के समाधान के लिए स्पष्ट समयसीमा और कार्ययोजना तय की जाए तथा नागरिकों को नियमित रूप से प्रगति की जानकारी देने की व्यवस्था की जाए, ताकि वर्षों से लंबित समस्या पर वास्तविक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

नंगल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना समय की मांग

गोवर्धन सोनी ने कहा कि नंगल के नागरिक किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सुरक्षित आवास, स्पष्ट नियमों, न्यायसंगत व्यवस्था और सम्मानजनक जीवन के अवसर चाहते हैं। लीज विवाद का समाधान होने से न केवल परिवारों की चिंताएं दूर होंगी, बल्कि स्थानीय व्यापार, निवेश, रोजगार और शहर के समग्र विकास को भी नई गति मिल सकती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इस संवेदनशील मामले पर गंभीरता से विचार करेगी और संबंधित पक्षों के बीच समन्वय स्थापित कर नंगलवासियों को स्थायी राहत दिलाने की दिशा में ठोस पहल करेगी।

गोवर्धन सोनी ने केंद्र सरकार से मांग की कि नंगल के इस तीन दशक पुराने विवाद को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों की सुरक्षा, संपत्ति के अधिकारों से जुड़े प्रश्नों और शहर के भविष्य को ध्यान में रखकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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