द टारगेट न्यूज़:
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर खरार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और इसी के साथ एक नया पोस्टर विवाद सामने आया है। भाजपा टिकट के दावेदार रंजीत सिंह गिल और एडवोकेट एनके वर्मा ने रविवार को खरार में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि खरार नगर परिषद के अधिकारियों ने आप के इशारे पर चुनिंदा तरीके से उनके पोस्टर फाड़े और हटाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एडवोकेट एनके वर्मा ने बताया कि उनके आठ पोस्टर और रंजीत सिंह गिल के तीन से चार फ्लेक्स बोर्ड हटा दिए गए हैं, जिनकी कीमत प्रति बोर्ड 15,000 से 20,000 रुपये के बीच थी। उनका कहना है कि यह कार्रवाई तब शुरू हुई जब आप ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी भवनों पर मालिकों की अनुमति से लगाए गए उनके पोस्टरों को तो हटाया गया, जबकि सार्वजनिक स्थानों पर आप और कांग्रेस नेताओं के अनधिकृत पोस्टर अभी भी वैसे ही लगे हुए हैं। कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि वे इस चयनात्मक कार्रवाई के खिलाफ नगर परिषद को कानूनी नोटिस भेजेंगे और पुलिस तथा जिला प्रशासन के पास शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि खरार में आम आदमी पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है और इसी झुंझलाहट में वह इस तरह की हरकतें कर रही है। नेताओं ने यह भी दावा किया कि पिछले दो चुनावों में खरार सीट जीतने के बावजूद क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ गया है और यहां के विधायक जनता से कटे रहे हैं। दूसरी ओर, खरार के कार्यकारी अधिकारी अशोक पथारिया ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि शहर में फ्लेक्स बोर्ड हटाने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्लेक्स बोर्ड से भारी प्लास्टिक प्रदूषण होता है और नगर परिषद सभी से इन्हें न लगाने की अपील करती है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी कानूनी नोटिस की जानकारी नहीं है और यदि ऐसा कोई नोटिस मिलता है, तो उसका उचित जवाब दिया जाएगा।


















