द टारगेट न्यूज़:
आगामी चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों के लिए चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के प्रचार और चुनावी गतिविधियों पर खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा चंडीगढ़ एमसी (पार्षदों का चुनाव) नियम, 1995 के तहत यह सीमा 7.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। ये चुनाव संभावित रूप से दिसंबर के महीने में आयोजित होने वाले हैं। राज्य चुनाव आयुक्त विजय देव की ओर से इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस अधिसूचना के अनुसार, सभी उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि से लेकर चुनाव परिणामों की घोषणा तक अपने चुनावी खर्च का दैनिक हिसाब रखना अनिवार्य किया गया है। उम्मीदवारों को अपने द्वारा किए गए या अधिकृत किए गए सभी खर्चों को एक निर्धारित प्रारूप में दर्ज करना होगा। इसके अलावा, उन्हें प्रत्येक खर्चे के लिए वाउचर प्राप्त करने होंगे और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करके उन्हें सत्यापित करना होगा। प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव समाप्त होने के बाद 15 दिनों के भीतर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के पास एक शपथ पत्र के साथ अपने चुनावी खर्च का पूरा विवरण जमा कराना होगा। इस 7.50 लाख रुपये की सीमा से उन खर्चों को बाहर रखा गया है जो चंडीगढ़ प्रशासन, उसके विभागों, एजेंसियों, सार्वजनिक निकायों या नगर निगम द्वारा चुनाव के संबंध में आधिकारिक रूप से प्रदान की गई व्यवस्थाओं या सुविधाओं पर किए जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार बिना किसी वैध कारण या संतोषजनक स्पष्टीकरण के निर्धारित समय और तरीके के भीतर अपने खर्च का हिसाब जमा करने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उम्मीदवारों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य लागू कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।


















