द टारगेट न्यूज़:
संगठित अपराध और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लुधियाना पुलिस में तैनात महिला अधिकारी प्रज्ञा जैन को केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक (Kendriya Grihmantri Dakshata Padak) से सम्मानित किया गया है। पुलिसिंग में उत्कृष्ट कार्य और उच्च पेशेवर मानकों के लिए यह सम्मान पाने वाली वह पंजाब पुलिस की इकलौती महिला अधिकारी बन गई हैं। देश भर से इस पुरस्कार के लिए चुने गए 490 प्राप्तकर्ताओं में प्रज्ञा जैन भी शामिल थीं। उन्हें यह प्रतिष्ठित पदक ड्रग नेटवर्क, संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ किए गए उनके उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 2024 में स्थापित यह पदक हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर घोषित किया जाता है, जो विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPO) के कर्मियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है। इस बार इस सूची में पंजाब के 37 अधिकारी शामिल थे। 2017 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी प्रज्ञा जैन वर्तमान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और काउंटर-इंटेलीजेंस में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर तैनात हैं। उन्होंने अपने नेतृत्व में अंतर-राज्यीय फार्मास्युटिकल ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करने, अवैध हथियारों की बरामदगी और पाकिस्तान से जुड़े नार्कोटिक्स नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में अहम भूमिका निभाई है। उत्तर प्रदेश के बड़ौत की रहने वाली प्रज्ञा जैन ने होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी में स्नातक की डिग्री ली है और यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले दिल्ली में सात साल तक एक क्लिनिक चलाया था। अपनी विभिन्न पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कई बड़े अभियानों का नेतृत्व किया है। बरनाला में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान उन्होंने और उनकी टीम ने एक बड़ी फार्मास्युटिकल ड्रग जांच में लगभग 2.88 करोड़ नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए थे। इसके बाद लुधियाना में 60 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद हुए, खन्ना में करीब 200 अवैध हथियार बरामद किए गए, और फरीदकोट में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सितंबर 2025 में 12.1 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती की गई, जो जिले की अब तक की सबसे बड़ी एक दिवसीय जब्ती थी। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रज्ञा जैन ने कहा कि यह पुरस्कार उनकी टीम को भविष्य में और अधिक मादक पदार्थ विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों को अंजाम देने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव, अतिरिक्त DGP (काउंटर इंटेलिजेंस) अमित प्रसाद, IG (काउंटर इंटेलिजेंस) आशीष चौधरी और अपनी पूरी टीम को दिया है।


















