सरे (ब्रिटिश कोलंबिया), कनाडा। ब्यूरो
जिस उम्र में ज्यादातर युवा अपनी पढ़ाई और करियर बनाने में जुटे होते हैं, उस उम्र में पंजाबी मूल की 20 वर्षीय सुहाना गिल ने राजनीति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुहाना गिल कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर की अब तक की सबसे कम उम्र की सिटी काउंसलर (नगर पार्षद) बन गई हैं।
सुहाना ने 2 नवंबर को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही उन्होंने मेयर डग मैक्कलम के नेतृत्व वाली नवनिर्वाचित सरे सिटी काउंसिल में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली।
15 साल की उम्र में पूरी की स्कूली पढ़ाई
सुहाना गिल का जन्म और पालन-पोषण कनाडा के सरे शहर में ही हुआ। उन्होंने महज 15 साल की उम्र में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर ली थी। इसके बाद उन्होंने क्वांटलेन पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी (KPU) में राजनीति विज्ञान की पढ़ाई शुरू की और 19 साल की उम्र में स्नातक की डिग्री हासिल कर ली।
हालांकि, राजनीति में आने की उनकी इच्छा अचानक पैदा नहीं हुई। सुहाना पहले से ही सामाजिक गतिविधियों, युवाओं से जुड़े मुद्दों और सामुदायिक पहलों में सक्रिय रही हैं। इन प्रयासों के चलते उन्होंने शहर में युवाओं की आवाज के रूप में अपनी पहचान बनाई।
हाउस ऑफ कॉमन्स और CBC न्यूज से भी जुड़ी रहीं
सुहाना का अनुभव केवल शिक्षा और स्थानीय सामाजिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। वह कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स के साथ भी काम कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने CBC न्यूज के पैनल में योगदान दिया और गैर-लाभकारी संस्थाओं के क्षेत्र से भी जुड़ी रहीं।
उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में भी काम किया है। इस दौरान उन्हें घरों की बढ़ती कीमतों, आवास की उपलब्धता और शहर में अपना भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे युवा परिवारों की परेशानियों को समझने का मौका मिला।
युवाओं के मुद्दों को बनाया चुनावी एजेंडा
सुहाना गिल ने 17 अक्तूबर को हुए नगर निकाय चुनाव में डग मैक्कलम के नेतृत्व वाली सेफ सरे कोएलिशन की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।
उनके चुनावी अभियान में महंगाई, किफायती आवास, बुनियादी ढांचा, सार्वजनिक सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था और युवाओं के लिए बेहतर अवसर जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
सुहाना का मानना था कि तेजी से बढ़ते सरे शहर के विकास के साथ नगर प्रशासन को भी लोगों की जरूरतों के प्रति अधिक जवाबदेह होना चाहिए। खासकर विद्यार्थियों, युवा पेशेवरों और नए परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को केवल भविष्य के मतदाता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि शहर के उन फैसलों में भी उनकी भागीदारी होनी चाहिए, जिनका असर आने वाले कई दशकों तक उनके जीवन पर पड़ेगा।
किफायती मकानों की बढ़ती मांग और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी उनके अभियान का अहम हिस्सा रहे।
20 साल की उम्र में सरे शहर की सबसे युवा पार्षद बनने वाली सुहाना गिल की यह उपलब्धि कनाडा में बसे पंजाबी समुदाय के लिए भी चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि नगर परिषद में अपनी नई जिम्मेदारी के दौरान वह युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को किस तरह आगे बढ़ाती हैं।

















