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दलजीत सिंह मौत मामला: हाईकोर्ट ने पैतृक गांव में 5 नवंबर को अंतिम संस्कार की दी अनुमति, राजनीतिक गतिविधियों पर रोक

दलजीत सिंह मौत मामला: हाईकोर्ट ने पैतृक गांव में 5 नवंबर को अंतिम संस्कार की दी अनुमति, राजनीतिक गतिविधियों पर रोक

द टारगेट न्यूज़:

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने पूर्व के निर्देशों में संशोधन करते हुए मानसा जिले के भम्मे कलान गांव में दलजीत सिंह के अंतिम संस्कार की अनुमति दे दी। मानसा में हुई दलजीत सिंह की मौत के बाद तनाव और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले थे। अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी राजनीतिक दल, राजनेता या संगठन को अंतिम संस्कार में शामिल होने या इसमें हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं होगी। न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने निर्देश दिया कि चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमईआर में नया पोस्टमार्टम होने के बाद शव को बुधवार को वहीं के शवगृह में सुरक्षित रखा जाए और 5 नवंबर को दोपहर से पहले पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के बीच सीधे भम्मे कलान के श्मशान घाट पर पहुंचाया जाए। यह संशोधन मृतक की पत्नी परमजीत कौर और मां शिंदर कौर द्वारा दायर एक आवेदन पर किया गया, जिसमें पारिवारिक परंपराओं और इच्छाओं के अनुसार अंतिम संस्कार का स्थान बदलने की मांग की गई थी। अदालत ने व्यक्तिगत रूप से मूल याचिकाकर्ता और मृतक की बहन अमरजीत कौर तथा उनकी पत्नी को सुना, जो अदालत में मौजूद थीं। न्यायमूर्ति वशिष्ठ ने उन्हें स्थिति और परिवार व बच्चों के हितों के बारे में समझाया तथा शव की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों ने इस सुझाव पर सहमति व्यक्त की कि शव को घर ले जाने के बजाय सीधे पीजीआईएमईआर से भम्मे कलान श्मशान घाट ले जाया जाए। 3 नवंबर के आदेश में संशोधन करते हुए अदालत ने आदेश दिया कि नया पोस्टमार्टम होने के बाद शव 4 नवंबर को पीजीआईएमईआर के शवगृह में रहेगा और चंडीगढ़ पुलिस इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। पंजाब के डीजीपी को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए श्मशान घाट और अन्य आवश्यक स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। पीजीआईएमईआर के अधिकारियों द्वारा औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव पंजाब और चंडीगढ़ द्वारा संयुक्त रूप से गठित पुलिस टीम को सौंपा जाएगा, जो कड़े सुरक्षा घेरे में शव को सीधे चंडीगढ़ से भम्मे कलान ले जाएगी। अदालत ने सख्त निर्देश दिए कि सभी रस्में और अंतिम संस्कार केवल श्मशान घाट पर ही किए जाएंगे और शव को किसी अन्य स्थान पर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही अदालत ने राजनीतिक भागीदारी पर अपनी रोक बरकरार रखी। अदालत ने स्पष्ट किया कि बहन और पत्नी की इच्छा के अनुसार सत्तारूढ़ या विपक्षी दल के किसी भी राजनेता या किसी अन्य समूह को अंतिम संस्कार की व्यवस्था में शामिल होने या खलल डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया कि चंडीगढ़ से शव ले जाने और अंतिम संस्कार के दौरान कोई भी बाधा उत्पन्न न करे। ऐसा प्रयास करने पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने भी श्मशान घाट बदलने पर अपनी सहमति जताई और अतिरिक्त महाधिवक्ता चंचल के सिंगला ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया। वहीं, पीजीआईएमईआर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अमित ने अदालत को बताया कि नए पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों के बोर्ड का गठन कर दिया गया है और बुधवार को ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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