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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले गर्माया हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद, संघर्ष कमेटी ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले गर्माया हिमाचल एंट्री टैक्स विवाद, संघर्ष कमेटी ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

द टारगेट न्यूज़:

पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही हिमाचल प्रदेश में एंट्री टोल बैरियर को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है. इस मुद्दे पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए संघर्ष कमेटी ने केंद्र सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. संघर्ष कमेटी के कानूनी सदस्य उत्तांश मोंगा ने एक विस्तृत 96796-पृष्ठ का प्रतिवेदन सौंपकर इस मामले में केंद्र से राज्य सरकार को निर्देश देने की मांग की है. उनका तर्क है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 256 और 257 के तहत केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि वह संसदीय कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करे और राज्यों को राष्ट्रीय राजमार्गों पर केंद्रीय कार्यकारी अधिकार में बाधा डालने से रोके. मोंगा ने कहा है कि केंद्र के हस्तक्षेप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे विवादित टोल बैरियरों को हटाया जा सकता है, जिससे यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों, किसानों और तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. इस सिलसिले में 13 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, राज्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को कुल 24 पत्र भेजे गए थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय स्तर पर भी इस विवाद का असर देखने को मिल रहा है. इससे पहले नांगल नगर परिषद और रोपा जिला परिषद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार से हिमाचल के वाहनों पर पारस्परिक एंट्री टैक्स लगाने की अनुमति मांगी थी, जिस पर अभी फैसला नहीं हुआ है. पंजाब विधानसभा के हालिया सत्र में आप विधायक दिनेश चड्ढा के सवाल पर ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया था कि इस मामले में पंजाब के महाधिवक्ता कार्यालय से कानूनी सलाह ली जा रही है. दूसरी ओर, संघर्ष कमेटी ने घोषणा की है कि आगामी चुनावों में खड़े होने वाले उम्मीदवारों से इस टैक्स को खत्म कराने के उनके प्रयासों के बारे में तीखे सवाल पूछे जाएंगे. कमेटी के संयोजक गौरव राणा और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे पर चुप रहने वाले नेताओं का विरोध किया जाएगा, क्योंकि सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इस टैक्स की वजह से भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

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