Home Punjab प्रभावी शासन के लिए नागरिकों से सीधा संवाद बेहद जरूरी: गुलाब Chand...

प्रभावी शासन के लिए नागरिकों से सीधा संवाद बेहद जरूरी: गुलाब Chand कटारिया

प्रभावी शासन के लिए नागरिकों से सीधा संवाद बेहद जरूरी: गुलाब Chand कटारिया

द टारगेट न्यूज़:

पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने जन सुनवाई और समाधान शिविर पहलों की सराहना करते हुए कहा है कि ये मंच नागरिकों को अपनी समस्याओं और शिकायतों को प्रशासन के समक्ष सीधे रखने का सुलभ और प्रभावी अवसर प्रदान करते हैं। प्रशासक ने इन दोनों पहलों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, चंडीगढ़ प्रशासन के सभी सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शामिल हुए। समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि अब तक कुल 48 जन सुनवाई सत्र और पांच समाधान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन बैठकों के माध्यम से निवासियों को व्यक्तिगत शिकायतों के साथ-साथ अपने स्थानीय क्षेत्रों से जुड़े सार्वजनिक हित के मुद्दों को उठाने का अवसर मिला है। विभागवार प्रस्तुत किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से जन सुनवाई के जरिए 21 विभागों और कार्यालयों से संबंधित 357 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 257 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। यह कुल समाधान दर का लगभग 72 प्रतिशत है। इसके अलावा, पांच समाधान शिविरों के दौरान प्राप्त 350 शिकायतों में से 313 का निपटारा किया जा चुका है, जो लगभग 89.4 प्रतिशत की निपटान दर को दर्शाता है। पहले तीन समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का पूरी तरह से निपटारा कर दिया गया है। इनमें 7 फरवरी को दादू माजरा में प्राप्त 85, 22 मार्च को हल्लोमाजरा में प्राप्त 66 और 25 मई को मलोया में प्राप्त 50 शिकायतें शामिल थीं। इसके अलावा, 11 सितंबर को मनीमाजरा शिविर में प्राप्त 83 में से 69 शिकायतें और 30 सितंबर को राम दरबार शिविर में प्राप्त 66 में से 43 शिकायतों का निपटान किया गया। कटारिया ने कहा कि उत्तरदायी और जवाबदेह शासन के लिए नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद आवश्यक है। उन्होंने इन पहलों को सार्थक बताते हुए कहा कि ये मंच अधिकारियों को लोगों की बातें सुनने, उनकी चिंताओं को समझने और समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों का समाधान लागू नियमों और प्रक्रियाओं के दायरे में ही किया जाना चाहिए। नियमों के विपरीत या अनुचित अनुरोधों को इन मंचों के माध्यम से स्वीकार नहीं किया जा सकता है। प्रशासक ने अधिकारियों को अपने कर्मचारियों के प्रति भी संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों को सुनने के साथ-साथ अधिकारियों को अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं को भी नियमित रूप से सुनना चाहिए और उनके समाधान के लिए प्रयास करनेप्रयास करने चाहिए।

Translate »
error: Content is protected !!