चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Alcohol lovers, beware! This news will leave you shocked—regarding expensive branded bottles…”) ज़ीरकपुर-चंडीगढ़ रोड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शराब पीने वालों की चिंता बढ़ा दी है। एक्साइज विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। एक होटल के पीछे बने गोदाम में नकली तरीके से महंगी ब्रांडेड शराब तैयार की जा रही थी। यहां सस्ती और अनब्रांडेड शराब को नामी ब्रांड्स की बोतलों में भरकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
एक्साइज इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, रविवार शाम करीब 6 बजे टीम ने छापा मारा। गोदाम के बाहर कोई साइन बोर्ड नहीं था, सिर्फ ‘13’ नंबर लिखा था, जिससे शक गहराया। अंदर छापेमारी के दौरान दो आरोपी रंगे हाथों बोतलों में शराब भरते पकड़े गए। उनकी पहचान अक्षय कुमार और सकून के रूप में हुई है, जिन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
छापे में कुल 53 भरी हुई बोतलें बरामद हुईं, जिनमें नामी ब्रांड्स जैसे मंकी शोल्डर, चिवास रीगल, गोल्ड लेबल, हैंड्रिक्स जिन और ग्लेनलिवेट शामिल हैं। इसके अलावा 61 खाली बोतलें भी मिलीं। हैरानी की बात यह रही कि मौके से कोई मशीनरी बरामद नहीं हुई, जिससे साफ है कि यह पूरा काम हाथ से किया जा रहा था।
पुलिस ने केस दर्ज कर गोदाम को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हैं। अधिकारियों को शक है कि यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
यह घटना न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रही थी, बल्कि लोगों की सेहत के साथ भी गंभीर खिलवाड़ था। अगर समय रहते यह खुलासा न होता, तो इसके खतरनाक परिणाम सामने आ सकते थे।



















