चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“21 individuals, including Vijay Mallya and Nirav Modi, declared ‘fugitive economic offenders’; assets worth ₹2,178 crore seized”) देश में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज होती नजर आ रही है। Enforcement Directorate (ED) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पिछले सात वर्षों में अब तक 21 लोगों को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया जा चुका है। इस सूची में Vijay Mallya, Nirav Modi, Sanjay Bhandari और हाजरा इकबाल मेमन जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो देश के बैंकों को चूना लगाकर विदेश भाग गए।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ED ने अब तक इन आरोपियों की करीब ₹2178.34 करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 54 लोगों के खिलाफ ‘फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर एक्ट’ (FEOA) के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी, जिनमें से 21 को अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। खास बात यह है कि इनमें से 9 लोगों को सिर्फ 2025-26 के दौरान ही भगोड़ा करार दिया गया, जो एजेंसी की तेजी से बढ़ती कार्रवाई को दर्शाता है।
कानून के अनुसार, ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ वह व्यक्ति होता है, जिसके खिलाफ ₹100 करोड़ या उससे अधिक के आर्थिक अपराध में गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका हो और वह देश छोड़कर फरार हो गया हो या वापस आने से इनकार कर रहा हो।
वहीं दूसरी ओर, Mehul Choksi, Zakir Naik और महादेव ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर व रवि उप्पल के मामले अभी भी अदालत में लंबित हैं।
रिपोर्ट में संजय भंडारी को लेकर बड़ा खुलासा भी हुआ है। जांच के अनुसार, उनके पास ₹655 करोड़ की अघोषित विदेशी आय और ₹100 करोड़ से अधिक की विदेशी संपत्तियां हैं। उन्होंने UAE और UK में कई निवेश किए हैं, जिन्हें जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि आर्थिक अपराधियों के खिलाफ शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।



















