Home Congress 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला! पंजाब में उम्मीदवारों की जल्द होगी घोषणा, 50 सीटों पर मंथन

2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला! पंजाब में उम्मीदवारों की जल्द होगी घोषणा, 50 सीटों पर मंथन

2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला! पंजाब में उम्मीदवारों की जल्द होगी घोषणा, 50 सीटों पर मंथन

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित

आम आदमी पार्टी (AAP) की ओर से 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के तुरंत बाद अब कांग्रेस ने भी पंजाब में अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर उम्मीदवारों की घोषणा जल्द करने का फैसला लिया।
पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में 4 नवंबर को संगरूर में होने वाली ‘इंसाफ रैली’ की तैयारियों और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उम्मीदवारों की घोषणा पहले कर दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की तैयारी करने का पर्याप्त समय मिल सके।
बैठक में करीब 50 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल किसी भी उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगाई गई। पंजाब कांग्रेस के नेताओं की अगली बैठक 2 नवंबर को दिल्ली में तय की गई है।
इस बैठक में कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजय इंदर सिंगला और संगत सिंह गिलजियां सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्य रूप से प्रस्तावित इंसाफ रैली और आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई। इस रैली में राहुल गांधी के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसे संबोधित करेंगे।

AAP सरकार को घेरने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व ने सभी नेताओं को आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मजबूत राजनीतिक माहौल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नेताओं से कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने को कहा गया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पंजाब निर्णायक राजनीतिक बदलाव चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अधूरे वादों और खराब शासन के जरिए जनता के भरोसे को तोड़ा है।
खड़गे ने कहा, "पंजाब एक निर्णायक बदलाव और नई शुरुआत की उम्मीद कर रहा है। AAP ने जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है। बड़े-बड़े वादों की जगह आज खराब शासन, भ्रष्टाचार, नशे का बढ़ता कारोबार, असुरक्षा और लोगों की टूटती उम्मीदें दिखाई दे रही हैं। कांग्रेस पंजाब का गौरव और सम्मान बहाल करने, उसके भविष्य को सुरक्षित बनाने और शांति, समृद्धि एवं विकास का नया दौर शुरू करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।"

2027 में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने का दावा

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने AAP सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, नशे की समस्या बढ़ने और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राज्य के युवाओं और कमजोर वर्गों को निराशा के अलावा कुछ नहीं दिया।
वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा पंजाब में अनुभव, संयम और ईमानदारी के साथ शासन किया है। उन्हें विश्वास है कि आगामी चुनावों में पंजाब की जनता कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत देगी और AAP तथा पंजाब विरोधी BJP को नकार देगी।

पहले भी हो चुकी हैं संगठनात्मक बैठकें

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में भी केसी वेणुगोपाल ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ संगठनात्मक बैठकों की एक श्रृंखला आयोजित की थी। इनमें सचिन पायलट, परगट सिंह, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और चरणजीत सिंह चन्नी के अलावा सांसद, विधायक और जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष शामिल हुए थे।
इन बैठकों में वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस में अनुशासन और एकता बनाए रखने पर जोर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि किसी भी नेता का कद कितना भी बड़ा क्यों न हो, पार्टी में अनुशासनहीनता और अंदरूनी गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी साफ कर दिया था कि कांग्रेस 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी और किसी भी व्यक्ति को अलग से अपना चुनावी अभियान चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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