चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Bus Strike: Commuters Face Major Trouble as Services Come to a Halt “) पंजाब रोडवेज, पनबस और पंजाब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (PRTC) के संविदा कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल का असर सोमवार को फगवाड़ा क्षेत्र में साफ देखने को मिला। हड़ताल के कारण फगवाड़ा, गोराया, फिल्लौर, नकोदर, बंगा और नवांशहर समेत कई इलाकों में सरकारी बस सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही बड़ी संख्या में बसें सड़कों पर नहीं उतरीं, जिसके चलते दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएं, महिलाएं और रोजाना मजदूरी करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। कई बस अड्डों और डिपो पर बस संचालन या तो पूरी तरह बंद रहा या फिर बेहद सीमित संख्या में बसें चल सकीं।
बस स्टैंडों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। घंटों इंतजार के बाद भी बसें नहीं मिलने से कई लोगों को निजी टैक्सी, ऑटो या अन्य वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा ही स्थगित कर दी। फगवाड़ा और आसपास के शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुए।
संविदा कर्मचारियों की इस हड़ताल ने पंजाब के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को बड़ा झटका दिया है। हाल के महीनों में यह दैनिक आवागमन को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है। आम लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो परेशानी और बढ़ सकती है।
फिलहाल बस सेवाएं सामान्य होने तक यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। वहीं, लोगों की नजरें अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं, ताकि जल्द से जल्द हड़ताल समाप्त हो और प्रदेश में बस सेवाएं दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो सकें।



















