सांसद के बेटे की इंस्टाग्राम पोस्ट पर कथित धमकी के मामले में छात्र ने निष्पक्ष जांच की मांग की
चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Case regarding MP’s son’s Instagram post: HC seeks status report from police) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर के 25 वर्षीय छात्र के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच को लेकर पंजाब पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। छात्र पर गुरदासपुर के सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के बेटे उदयवीर सिंह रंधावा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर कथित तौर पर धमकी भरी टिप्पणी करने का आरोप है। न्यायमूर्ति शालिनी सिंह नागपाल की पीठ ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर के लिए स्थगित कर दी। यह याचिका गगनदीप सिंह ने अधिवक्ता दिनेश महाजन के माध्यम से दायर की थी। 2025 में दर्ज हुई थी एफआईआर याचिका के अनुसार, एफआईआर 2 अगस्त 2025 को बटाला के कोटली सूरत मल्ही पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 351, 356 और 111 के तहत दर्ज की गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे परेशान किया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच के लिए स्वतंत्र विशेष जांच टीम (SIT) या किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
31 जुलाई 2025 की कथित इंस्टाग्राम टिप्पणी का मामला
याचिका के मुताबिक, मामला 31 जुलाई 2025 को एक इंस्टाग्राम पेज पर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने इस टिप्पणी को धमकी भरी और दुर्भावनापूर्ण बताया था। बाद में पेज के एडमिन ने कथित टिप्पणी को डिलीट कर दिया। वहीं, याचिकाकर्ता ने टिप्पणी करने से इनकार किया है। उसका कहना है कि मूल पोस्ट अब उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कथित टिप्पणी के सटीक शब्द, संदर्भ, लेखक, इस्तेमाल किए गए डिवाइस, समय और उसकी प्रामाणिकता का पता लगाना मुश्किल है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच एजेंसी ने उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच नहीं की और न ही कथित मूल संचार को उसके फोन से बरामद किया है।
छात्र ने कहा- शिक्षा और करियर पर पड़ रहा असर
गगनदीप सिंह बैचलर ऑफ फार्मेसी का छात्र है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा है। उसने दावा किया है कि लंबित एफआईआर के कारण उसकी शिक्षा, करियर और भविष्य की संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि एफआईआर दर्ज हुए करीब एक साल हो चुका है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई और न ही चालान पेश किया गया है।
जांच को लेकर पंजाब पुलिस से मांगी थी कार्रवाई
याचिकाकर्ता ने 7 अगस्त 2026 को पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक के समक्ष एक प्रतिनिधित्व देकर कार्रवाई की मांग की थी। हालांकि, उसका आरोप है कि इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।सुनवाई के दौरान अधिवक्ता दिनेश महाजन ने अदालत को बताया कि मामला शिकायतकर्ता के इंस्टाग्राम पेज पर की गई टिप्पणियों से जुड़ा है, जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया। उन्होंने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि याचिकाकर्ता एक युवा छात्र है और करीब एक साल से जांच लंबित है। याचिकाकर्ता की तत्काल मांग थी कि अधिकारियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया जाए।
पंजाब सरकार ने कहा- जांच जारी है
पंजाब सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता कुंवरबीर सिंह ने नोटिस स्वीकार किया और अदालत को बताया कि मामले की जांच चल रही है। उन्होंने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर तक स्थगित कर दी।



















