पंचकूला। राजवीर दीक्षित
(Chargesheet filed against 19 people, including 6 IAS officers, in ₹504 crore scam) हरियाणा के बहुचर्चित ₹504 करोड़ के बैंकिंग घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने पंचकूला स्थित विशेष अदालत में मामले की तीसरी चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 6 IAS अधिकारियों समेत 19 आरोपियों को नामजद किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों में IDFC First Bank के 3 अधिकारी, AU Small Finance Bank का 1 अधिकारी और हरियाणा सरकार के 9 अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
6 IAS अधिकारियों पर भी जांच का शिकंजा
CBI का आरोप है कि सरकारी अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों ने कथित तौर पर मिलकर सरकारी धन के ट्रांसफर में नियमों की अनदेखी की। जांच के दौरान 8 सरकारी विभागों से जुड़ी रकम को ऐसी बैंक शाखाओं में भेजे जाने की बात सामने आई, जहां आरोपी बैंक अधिकारी तैनात थे।
एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन के ट्रांसफर और उसके बाद निकासी की पूरी प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी।
फर्जी खातों के जरिए रकम इधर-उधर करने का आरोप
CBI की जांच के मुताबिक, सरकारी खातों से रकम कथित तौर पर ऐसे थर्ड पार्टी बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, जिनका संबंधित विभागों से कोई सीधा संबंध नहीं था।
इसके बाद रकम को कई बैंक खातों में घुमाया गया और अंत में नकद निकासी के जरिए कथित तौर पर गबन किया गया। जांच एजेंसी इसे मनी ट्रेल और लेयरिंग के जरिए रकम को छिपाने की कोशिश मानकर जांच कर रही है।
54 ठिकानों पर छापेमारी, ₹20 करोड़ का सोना बरामद
मामले की जांच के दौरान CBI ने अब तक 54 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन कार्रवाई में करीब ₹20 करोड़ मूल्य का सोना जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिए हैं।
CBI अब जब्त संपत्तियों और सोने का कथित तौर पर गबन की गई रकम से संबंध खंगाल रही है।
अब तक 26 गिरफ्तार
इस मामले में CBI की ओर से अब तक 37 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें 3 IAS अधिकारियों समेत 26 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
तीसरी चार्जशीट में शामिल आरोपियों की भूमिका और उनके बीच कथित लेन-देन को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
विजिलेंस से CBI को सौंपी गई थी जांच
मामले की शुरुआती जांच हरियाणा विजिलेंस के पास थी। बाद में हरियाणा सरकार की सिफारिश पर जांच CBI को सौंप दी गई।
CBI इस मामले के साथ चंडीगढ़ नगर निगम से जुड़ी Smart City Limited और CREST के कथित फंड गबन से जुड़े दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। इन मामलों में पहले ही चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात कही गई है।
504 करोड़ की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही CBI
CBI अब कथित तौर पर गबन किए गए ₹504 करोड़ की पूरी मनी ट्रेल का पता लगाने में जुटी है। जांच एजेंसी यह भी पता कर रही है कि इस रकम से कहीं संपत्तियां या अन्य कीमती सामान तो नहीं खरीदे गए।
साथ ही कथित अपराध से अर्जित संपत्तियों को अटैच करने और मामले में सामने आने वाले अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच भी जारी है।



















