द टारगेट न्यूज़:
त्योहारों के मौसम में वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। जिला मजिस्ट्रेट-सह-जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिवाली पर रात 8 बजे से 10 बजे तक केवल दो घंटे के लिए पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई है। वहीं, गुरपुरब के अवसर पर सुबह 4 बजे से 5 बजे और रात 9 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में पर्यावरण की रक्षा और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) द्वारा प्रमाणित ग्रीन पटाखों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार के पटाखों की बिक्री और उपयोग पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, श्रृंखला वाले पटाखों या ‘लड़ियों’ (joined firecrackers) पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, भले ही वे ग्रीन क्रacker श्रेणी में आते हों। पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों द्वारा ही की जा सकती है। इसके साथ ही अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर चंडीगढ़ में पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने या उनकी डिलीवरी करने पर रोक लगा दी गई है। आदेश के तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, अदालतों, धार्मिक स्थलों और साइलेंस जोन के रूप में अधिसूचित अन्य क्षेत्रों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित है। चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस इन प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने निवासियों से अपील की है कि वे जनसुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी से दिवाली और गुरपुरब मनाएं तथा केवल अधिकृत ग्रीन पटाखे ही खरीदें।













