चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(DIG Bhullar bribery case! Sealed mobile phones and laptops will be reopened; they contain records of corruption involving senior officials ) पंजाब में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर का नाम प्रमुख रूप से जुड़ा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल रिश्वत कांड में अब नया मोड़ आ गया है, क्योंकि सीबीआई को भुल्लर के सील किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप दोबारा खोलने की अदालत से अनुमति मिल गई है। माना जा रहा है कि इन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में कई वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े भ्रष्टाचार के ठोस सबूत मौजूद हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में भुल्लर अकेला नहीं है, बल्कि पंजाब के कई बड़े अधिकारी भी इसके दायरे में आ सकते हैं। सीबीआई ने कुछ अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। व्हाट्सएप चैट, डिजिटल डेटा और फोरेंसिक जांच से यह संकेत मिले हैं कि आरोपियों का सरकारी मशीनरी तक गहरा पहुंच था, जिसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया जा रहा था।
गौरतलब है कि 16 अक्टूबर 2025 को सीबीआई ने भुल्लर और उसके सहयोगी कृष्णू शारदा को एक व्यापारी से हर महीने 8 लाख रुपये रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान भुल्लर के घर से करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद और ढाई किलो सोना बरामद हुआ था, जिससे उसकी आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।
अब जब सीबीआई इन डिवाइसों को दोबारा खंगालेगी, तो संभावना है कि कई और बड़े नाम सामने आएंगे। यह मामला पंजाब की प्रशासनिक व्यवस्था में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की परतें खोल सकता है और आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।



















