आज भी रद्द रहेंगी पंजाब से चलने वाली Trains, जानें Detail, पंजाब आने वाला रेल ट्रैक बुरी तरह से प्रभावित

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The Target News

जालंधर । राजवीर दीक्षित

जालंधर से बनकर चलने वाली इंटर सिटी एक्सप्रैस ट्रेन संख्या 14682, अमृतसर-हरिद्वार 12054 जन शताब्दी एक्सप्रैस सहित दर्जनों ट्रेनें सोमवार को रद्द रहेगी।

वहीं, रद्द चली आ रही 12497-12498 (शान-ए-पंजाब) अमृतसर-दिल्ली, 14033 जम्मूमेल (ओल्ड दिल्ली-जम्मू) जैसी गाड़ियों के परिचालन पर यात्रियों की नजरें टिकी हुई है, क्योंकि 13 मई को गाड़ियों के परिचालन संबंधी नई सूची जारी होने का अनुमान है।

शंभू बार्डर पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन के चलते पंजाब आने वाला रेल ट्रैक बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसके चलते रेलवे द्वारा पंजाब की तरफ गाड़ियों को भेजने के लिए अबाला-चंडीगढ़ वाले रूट का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके चलते ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट पहुंच रही है जोकि यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।

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किसानों के प्रर्दशन के बाद रेलवे द्वारा शुरूआत दौर में 69 के करीब ट्रेनों को रद्द किया गया था, इसके बाद रेलवे ने ट्रेनों का परिचालन करना शुरू किया जिसके चलते अब 44 के करीब ट्रेनें रद्द चल रही हैं।

विभाग द्वारा धीरे-धीरे ट्रेनों के परिचालन को बढ़ाया जा रहा है। इसी के चलते यात्रियों की निगाहें रेलवे पर टिकी हुई है।

पंजाब से संबंधित महत्वपूर्ण समझी जाती शान-ए-पंजाब व जालंधर से बनकर चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रैस के परिचालन को शुरू करने की मांग उठ रही है। यात्रियों का कहना है कि जालंधर के यात्रियों को इन गाड़ियों के माध्यम से दिल्ली जाना बेहद सुगम रहता है।

अब ऐसी संभावना बन सकती है कि रेलवे इन 2 महत्वपूर्ण गाड़ियों के साथ-साथ कई अहम गाड़ियों का परिचालन शुरू कर दे। इसके चलते अब रेलवे द्वारा जारी की जाने वाली सूची का यात्रियों को बेसबरी से इंतजार है।

इसी तरह से सुपरफास्ट कैटागरी की 22487 वंदे भारत एक्सप्रैस (अमृतसर-नई दिल्ली) सवा 6 घंटे की देरी से जालंधर के सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वहीं, 22551 (दरभंगा-जम्मूतवी) साढ़े 4 घंटे, 12425 (नई दिल्ली-जम्मूतवी) 4 घंटे, 20807 हीराकुंड एक्सप्रैस 4 घंटे, 18238 छतीसगढ़ एक्सप्रैस सवा 5 घंटे, 12030 अमृतसर स्वर्ण शताब्दी ने 3 घंटे की देरी से स्टेशन पर आगमन किया।

कई रूटीन गाड़ियां अपने निर्धारित समय से 8-10 घंटे की देरी से पहुंच रही है, इसी क्रम में पिछले दिनों सचखंड, गरीब रथ जैसी गाड़ियां 12 घंटे से अधिक लेट हो चुकी है।

वहीं दिन के समय पहुंचने वाली गाड़ियों को रात के समय स्टेशन पर पहुंचते हुए देखा गया है। शाम को आने वाली गाड़ियों के ज्यादा लेट होने के चलते यात्रियों को स्टेशन के बाहर बिस्तर लगाने पड़ रहे हैं।

रूटीन में रात के समय स्टेशन के बाहर दर्जनों लोगों को सोते हुए देखा जा सकता है। गर्मी अधिक होने के कारण यात्री प्लेटफार्म पर आराम करने की बजाय स्टेशन के बाहर पार्क में जाकर लेटे हुए देखने को मिलते हैं।