पंजाब के इस दिग्गज परिवार ने पकड़ा कांग्रेस का हाथ: दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपनी पार्टी का भी विलय किया, बदलेंगे चुनावी समीकरण।

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चंडीगढ़/लुधियाना । राजवीर दीक्षित

पंजाब की लोक इंसाफ पार्टी (LIP) के प्रमुख सिमरजीत बैंस और उनके भाई बलविंदर बैंस कांग्रेस में शामिल हो गए। नई दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में दोनों भाइयों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की।

दोनों भाइयों ने पिछले कई दिनों से दिल्ली में ही डेरा डाला हुआ था। तभी से चर्चा शुरू हो गई थी कि वे कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं।

रविवार को दोनों की राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद कांग्रेस में शामिल होने का रास्ता साफ हाे गया। दोनों ने अपनी लोक इंसाफ पार्टी का भी कांग्रेस में विलय कर दिया।

बैंस ब्रदर्स अब लुधियाना लोकसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार और पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के साथ चुनाव प्रचार करेंगे।

कल यानी सोमवार को वड़िंग अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान बैंस उनके साथ मौजूद रहेंगे। उनके कांग्रेस में शामिल होने से लुधियाना में राजनीतिक माहौल बदल जायेगा।

एक नजर इस पर भी

सांसद सिमरनजीत सिंह मान के साथ राजनीतिक करियर शुरू करने वाले सिमरजीत सिंह बैंस, सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में अकाली दल में शामिल हो गए थे।

शिअद में उनके ऊपर कई आरोप लगते रहे। जिसमे एक दफा बैंस के खिलाफ तहसीलदार को कार्यालय में घुसकर मारपीट करने का भी मामला दर्ज हुआ था।

अकाली दल द्वारा चुनाव में टिकट नहीं दिए जाने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। बाद में सिरमजीत सिंह बैंस और उनके भाई बलविंदर सिंह बैंस आजाद चुनाव लड़े और जीते भी गए थे।

बैंस ने 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में लोक इंसाफ पार्टी बनाई और AAP से गठजोड़ भी किया, लेकिन वह सिर्फ अपनी 2 सीटें ही बचा पाए थे।

साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ा, लेकिन AAP की लहर के सामने टिक नर्ही पाए और हार गए।