चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Pakistan-Backed Drug Smugglers Using Women as Couriers? 9 Kg Heroin Seizure Raises Alarm “) पंजाब में सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी का तरीका तेजी से बदल रहा है। अमृतसर ग्रामीण पुलिस द्वारा 9 किलो हेरोइन के साथ जशनदीप कौर की गिरफ्तारी ने एक बार फिर इस गंभीर खतरे की ओर ध्यान खींचा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिला कथित तौर पर कुख्यात तस्कर गुरनाम सिंह की बहू है और यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान समर्थित ड्रग सिंडिकेट महिलाओं का इस्तेमाल पहले से कहीं अधिक कर रहे हैं। आरोप है कि महिलाओं को ड्रोन से गिराई गई हेरोइन उठाने, कुछ समय तक छिपाकर रखने और आगे सप्लाई चेन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। तस्करों को लगता है कि महिलाओं पर कम शक किया जाता है, इसलिए वे आसानी से पुलिस की नजरों से बच सकती हैं।

साल 2025 में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अलग-अलग मामलों में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया था। मार्च 2025 में मनदीप कौर से 5.2 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। वहीं कुलजीत कौर और राजबीर कौर के पास से 2 किलो हेरोइन के साथ 10 पिस्तौल भी बरामद किए गए थे, जिससे ड्रग्स और अवैध हथियारों के गठजोड़ का खुलासा हुआ था। अप्रैल 2026 में जसबीर कौर की गिरफ्तारी ने भी इस बढ़ते नेटवर्क की पुष्टि की।
पुलिस का मानना है कि यह केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि तस्करी के बदलते नेटवर्क का संकेत हैं। अब ड्रग सिंडिकेट पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी भर्ती कर रहे हैं, जिससे इन नेटवर्क का पता लगाना और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
सीमा पार से नशे की तस्करी का यह नया तरीका सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन चुका है। लगातार हो रही बरामदगियां इस बात का संकेत हैं कि पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई अब और अधिक सतर्कता, तकनीक और मजबूत कार्रवाई की मांग करती है।



















