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आखिर किसकी नजर लग गई Paytm को? कभी बाजार पर कब्जा था… अब बुरा हाल हो गया!

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(“Who cast an evil eye on Paytm? Once it dominated the market… now it is in a bad state! “) डिजिटल पेमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी Paytm इन दिनों बड़े संकट से गुजर रही है। एक समय था जब यह कंपनी देश में डिजिटल भुगतान की पहचान बन चुकी थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। ताजा झटका तब लगा जब भारतीय रिजर्व बैंक ने Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द कर दिया। इस फैसले का असर तुरंत बाजार में दिखा और कंपनी के शेयरों में करीब 8% की गिरावट दर्ज की गई।

Paytm की शुरुआत साल 2010 में विजय शेखर शर्मा ने की थी। शुरुआत में यह सिर्फ मोबाइल रिचार्ज प्लेटफॉर्म था, लेकिन धीरे-धीरे यह डिजिटल वॉलेट और ऑनलाइन पेमेंट की दुनिया में बड़ा नाम बन गया। साल 2016 में हुए नोटबंदी ने Paytm को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। कैश की कमी के बीच लोगों ने तेजी से डिजिटल पेमेंट अपनाया और Paytm हर घर तक पहुंच गया।

हालांकि, इसी दौर के बाद कंपनी के सामने चुनौतियां बढ़नी शुरू हो गईं। सरकार द्वारा BHIM UPI जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्च किए जाने के बाद प्रतिस्पर्धा काफी तेज हो गई। UPI सिस्टम ने डिजिटल भुगतान को आसान और सस्ता बना दिया, जिससे Paytm की पकड़ धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी।

अब RBI के सख्त एक्शन ने कंपनी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। निवेशकों का भरोसा डगमगाता दिख रहा है और बाजार में कंपनी की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा, रेगुलेटरी दबाव और बिजनेस मॉडल में बदलाव की जरूरत Paytm के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी है।

एक समय डिजिटल क्रांति का चेहरा रही यह कंपनी आज अपने अस्तित्व को बचाने की जंग लड़ रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Paytm इस संकट से कैसे उबरता है और क्या वह फिर से बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना पाएगा।

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