चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Fast Food Threatens Children’s Eye Health)आज के दौर में पिज़्ज़ा, बर्गर और अन्य जंक फूड बच्चों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं, लेकिन यही आदतें उनकी आंखों की रोशनी के लिए गंभीर खतरा साबित हो रही हैं। पटना ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की हालिया रिपोर्ट ने माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जंक फूड का अधिक सेवन बच्चों की आंखों पर सीधा और नकारात्मक असर डाल रहा है।
➡️ हमारे Video चैनल को देखने के लिए इस Line को Click करें, Follow करें व Like करें। आपको Updates मिलते रहेंगे।
एम्स (AIIMS), पीएमसीएच (PMCH) और आईजीआईएमएस (IGIMS) जैसे बड़े अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे सैकड़ों बच्चों की जांच के दौरान यह सामने आया कि कम उम्र में ही बच्चों में आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों की आंखों के पर्दे यानी रेटिना में सूजन, आंखों में लगातार जलन और लालिमा, तथा बहुत कम उम्र में मोटे चश्मे लगने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।
Video देखें: BBMB इंफोर्समेंट विभाग का बड़ा ‘एक्शन’,बाजारों में हड़कम्प,नाजायज कब्जो को हटाने पहुंची टीम ने दिए दो टूक आदेश !
विशेषज्ञों का कहना है कि जंक फूड में इस्तेमाल होने वाला खराब तेल, अत्यधिक प्रिज़र्वेटिव्स और पोषक तत्वों की कमी आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचाती है। इसके साथ ही विटामिन-ए की कमी, ड्राई आई, मायोपिया और कंप्यूटर विज़न सिंड्रोम जैसी समस्याएं भी बच्चों में आम होती जा रही हैं। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते खान-पान और जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो भविष्य में बच्चों की नजर स्थायी रूप से कमजोर हो सकती है।
Video देखें: “जिनके अपने घर शीशे के हो वह दूसरों के घरों पर पत्थर नही मारते”, सुने एक ऐसी खबर जिसके बाद आपके भी शरीर के रेंगटे खड़े हो जाएंगे।
इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता से बच्चों की दिनचर्या पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। पौष्टिक और संतुलित आहार, रोज़ाना बाहरी गतिविधियां, सीमित स्क्रीन टाइम और पढ़ाई के दौरान सही रोशनी की व्यवस्था जैसे उपाय अपनाकर बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह रिपोर्ट न सिर्फ चेतावनी है, बल्कि समय रहते जागरूक होने का संदेश भी देती है।

















