चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“While filing ITR, do not make this mistake even by accident, or you could face jail”) वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन शुरू हो चुका है। सरकार ने मार्च के अंत तक सभी जरूरी फॉर्म अधिसूचित कर दिए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स अब समय पर अपनी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस बार भी समय सीमा को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनभोगी और जिन खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए ITR भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तय की गई है। वहीं छोटे कारोबारी और प्रोफेशनल्स के लिए यह डेडलाइन बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट जरूरी है, उन्हें 31 अक्टूबर तक रिटर्न फाइल करनी होगी।
हालांकि, इस बार सरकार ने टैक्स चोरी और गलत जानकारी देने वालों पर सख्ती बढ़ा दी है। ITR भरते समय की गई छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अपनी आय कम दिखाता है या निवेश/खर्चों की गलत जानकारी देता है, तो पकड़े जाने पर उसे टैक्स की राशि का 200% तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, गंभीर मामलों में 7 साल तक की जेल और भारी पेनल्टी का भी प्रावधान है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आय छिपाना, फर्जी HRA या दान रसीदों का दावा करना, बिना निवेश के 80C का लाभ लेना, या दस्तावेजों में हेरफेर करना कानूनन अपराध है। बार-बार ऐसी गलतियां करने पर आयकर विभाग कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है।
सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को पारदर्शी बनाना है, इसलिए करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे पूरी ईमानदारी और सही जानकारी के साथ ITR फाइल करें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।



















