चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Amid the scorching heat, the Central Government has issued a special advisory and made this appeal to the public”) देशभर में भीषण गर्मी का असर तेजी से बढ़ता जा रहा है। उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने लोगों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में हीटवेव का खतरा और बढ़ सकता है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस समय हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, मांसपेशियों में ऐंठन और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और बाहर काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
सरकार ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। साथ ही दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने को कहा गया है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और ज्यादा चीनी, चाय, कॉफी व शराब से दूरी बनाने की भी अपील की गई है। इसके अलावा बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला छोड़ने से सख्त मना किया गया है।
सरकार अब राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सफल मॉडल को पूरे देश में लागू करने की योजना बना रही है, जिससे गांव और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर लोगों को राहत मिल सके। वहीं आरएमएल अस्पताल जैसे बड़े अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी इलाकों में ‘हीट डोम’ का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा फल, सब्जियां और जूस का सेवन करें, ताकि शरीर अंदर से ठंडा और स्वस्थ बना रहे।



















