चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Police from five states including Punjab, Haryana, and Himachal Pradesh come together on one platform; major preparations begin to counter gangsters and ISI conspiracies.)पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस मुख्यालय में मंगलवार को पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क, सीमा पार से हो रही नशे और हथियारों की तस्करी तथा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा समर्थित आतंकवाद और हिंसा की साजिशों के खिलाफ संयुक्त रणनीति तैयार करना था।
अधिकारियों ने कहा कि अपराधी और गैंगस्टर विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय हैं, इसलिए उनके खिलाफ सभी राज्यों की समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है। करीब पांच घंटे चली इस बैठक का आयोजन राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की देखरेख में हुआ, जबकि मेजबानी पंजाब पुलिस ने की। वर्ष 2024 के बाद यह इस तरह की तीसरी बैठक थी। इससे पहले ऐसी बैठकें नई दिल्ली और पंचकूला में आयोजित की जा चुकी हैं।
बैठक में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, नई दिल्ली और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ NIA के अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान खुफिया सूचनाओं और डेटा साझा करने, त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने तथा विदेशों में छिपे भगोड़ों को जल्द भारत वापस लाने के उपायों पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन गतिविधियों के अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पंजाब को सीमा पार अपराधों का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। वहीं राजस्थान सीमा पर कम आबादी होने के कारण ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। पाकिस्तान से लगी सीमा, साझा भाषा और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय का आपराधिक तत्वों द्वारा दुरुपयोग भी पंजाब के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
बैठक में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, NIA के महानिदेशक राकेश अग्रवाल, चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती करने के लिए ISI समर्थित नेटवर्क, शहजाद भट्टी, बब्बर खालसा और अन्य संगठनों से जुड़े मॉड्यूल पर भी चर्चा हुई। साथ ही फर्जी संगठनों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार का मुकाबला करने की रणनीति बनाई गई।
इसके अलावा विदेशों में बैठे हैंडलरों द्वारा UPI, हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से चलाए जा रहे रंगदारी और वित्तीय नेटवर्क पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए किशोरों को पैसे और विदेश में बसाने का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रही हैं। जालंधर, अंबाला और नालागढ़ में मिले समान प्रकार के आईईडी (IED) इस साझा खतरे की गंभीरता को दर्शाते हैं।



















