टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं को मौका देने की बहस एक बार फिर तेज हो गई है। जिम्बाब्वे दौरे पर अपनी शानदार बल्लेबाजी से सबका दिल जीतने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने पर पूर्व भारतीय खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई है। क्रिकेट गलियारों में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या निरंतरता दिखाने वाले युवा खिलाड़ी के साथ चयन के मामले में नाइंसाफी हुई है?
जिम्बाब्वे में मचाया था धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर अपनी तकनीक और आक्रामक खेल का लोहा मनवाया था। पूरी सीरीज के दौरान उनका प्रदर्शन इतना प्रभावी रहा कि उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के खिताब से नवाजा गया। इसके अलावा, दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के लिए खेलते हुए भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की परिपक्वता दिखाई थी। बावजूद इसके, अफगानिस्तान के खिलाफ उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा।
पूर्व दिग्गजों का कड़ा रुख
वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया था जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर रखा जाए। जब एक खिलाड़ी लगातार रन बना रहा हो और आत्मविश्वास से भरा हो, तो उसे बाहर बैठाना टीम के संतुलन और खिलाड़ी के मनोबल दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव जैसे युवा खिलाड़ी को लगातार मौके मिलने चाहिए ताकि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को और बेहतर बना सके। चयनकर्ताओं की इस नीति पर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या टीम प्रबंधन केवल नाम के आधार पर खिलाड़ियों को चुन रहा है या प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रमुख बिंदु
- वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब जीता था।
- दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के लिए शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
- अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में प्लेइंग इलेवन से बाहर किए जाने पर विवाद।
- पूर्व क्रिकेटरों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निरंतरता की मांग की है।



















