चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Aadhaar Fraud Exposed: ₹90 Crore Fake Billing “) पंजाब के लुधियाना से जुड़ा एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने आधार कार्ड की सुरक्षा और GST सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि करीब 10 साल पहले विदेश भेजने का झांसा देकर एक युवक का आधार कार्ड लिया गया और उसी आधार नंबर पर फोटो बदलकर फर्जी कंपनियों का पूरा नेटवर्क खड़ा कर दिया गया।
जांच के मुताबिक, इसी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर लगभग 90.25 करोड़ रुपये की फर्जी GST बिलिंग की गई और करीब 2.70 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड भी हासिल कर लिया गया। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी वास्तविक माल या सेवा के सिर्फ कागजी लेन-देन दिखाकर यह कथित घोटाला अंजाम दिया गया।

यूपी स्टेट टैक्स विभाग की जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आईपी एड्रेस ट्रेस करते हुए जांच लुधियाना के चेत सिंह नगर तक पहुंची। पुलिस जब कथित दफ्तर पर पहुंचने की तैयारी कर रही थी, तभी अदालत से सर्च वारंट पर स्टे मिल गया। बताया जा रहा है कि रेड से पहले ही कार्यालय खाली कर दिया गया था और पड़ोसियों के अनुसार रात के समय कुछ लोग सामान निकालकर ले गए।
जिस युवक के नाम पर आधार कार्ड इस्तेमाल होने का दावा है, उसने कहा कि वह कभी लुधियाना गया ही नहीं। उसका कहना है कि आधार नंबर उसका है, लेकिन फोटो बदल दी गई थी। मामले में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि दस्तावेज फर्जी थे तो अदालत में स्टे की याचिका किसने दायर की।
फिलहाल यूपी स्टेट टैक्स विभाग और पुलिस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इस सनसनीखेज मामले ने आधार डेटा की सुरक्षा, फर्जी कंपनियों और टैक्स धोखाधड़ी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका साफ हो सकेगी।



















