चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“PSPCL Outsourced Workers Continue Indefinite Strike, Demand Direct Contracts “) पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के आउटसोर्स कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है। सरकार, कैबिनेट मंत्रियों और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग—उन्हें डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट पर लाने—का कोई समाधान नहीं निकल सका है। इसी वजह से कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
यह कर्मचारी नोडल कंप्लेंट सेंटर (NCC), सुविधा केंद्र, मीटरिंग लैब और स्टोर सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। 23 जुलाई से शुरू हुई इस हड़ताल में पहले नियमित कर्मचारी और तकनीकी संविदा कर्मचारी भी शामिल थे, लेकिन विभाग के साथ बातचीत के बाद उन्होंने काम पर वापसी कर ली। वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष बलिहार सिंह ने बताया कि शिकायत निवारण से जुड़े कर्मचारियों को सुरक्षा किट और कर्मचारी पहचान पत्र देने का आश्वासन मिलने के बाद उनका आंदोलन स्थगित हुआ, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों को डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट पर लेने के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हुआ।

उधर, आउटसोर्स एम्प्लॉइज फेडरेशन पंजाब ने खन्ना में बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन का कहना है कि सरकार ने 24 मई को डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ। कर्मचारियों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित आदेश जारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
गौरतलब है कि यही कर्मचारी नए बिजली कनेक्शन, लोड बढ़ाने, कनेक्शन ट्रांसफर, बिल संबंधी शिकायतों और 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निपटारे जैसी उपभोक्ता सेवाओं का संचालन करते हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर आम बिजली उपभोक्ताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। 31 जुलाई को PSPCL CMD के साथ होने वाली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



















