Home Legal पनीर के नाम पर धोखा? हाईकोर्ट सख्त, FSSAI से मांग जवाब

पनीर के नाम पर धोखा? हाईकोर्ट सख्त, FSSAI से मांग जवाब

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित 

(Fraud in the name of paneer? High Court takes a tough stance, seeks response from FSSAI) होटल और रेस्तरां में पनीर के नाम पर नॉन-डेयरी उत्पाद परोसे जाने का मुद्दा दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि ग्राहकों को स्पष्ट बताया जाए कि खाने में असली दूध से बना पनीर इस्तेमाल हुआ है या उसकी जगह नॉन-डेयरी विकल्प दिया जा रहा है।

पनीर के नाम पर विकल्प बेचने पर सवाल

याचिकाकर्ताओं रिधिमा सिंह और अवलोकितेश्वर पद्मपाणि सिद्धार्थ का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत पनीर एक मानकीकृत डेयरी उत्पाद है, जबकि डेयरी एनालॉग में दूध के जरूरी घटकों की जगह वनस्पति वसा, तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री इस्तेमाल की जा सकती है। याचिका के अनुसार, दोनों उत्पादों की पोषण संबंधी विशेषताएं भी अलग हो सकती हैं।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि होटल या रेस्तरां में पनीर की डिश ऑर्डर करने वाले ग्राहक के पास यह जानने का कोई स्पष्ट तरीका नहीं होता कि उसमें असली पनीर इस्तेमाल किया गया है या उसका विकल्प।

मेन्यू पर साफ जानकारी देने की मांग

याचिका में होटल, रेस्तरां, कैटरर्स, ढाबों, क्लाउड किचन और ऑनलाइन फूड कारोबारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे नॉन-डेयरी विकल्प इस्तेमाल करने पर इसकी स्पष्ट जानकारी दें। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ग्राहक को उत्पाद की सही जानकारी मिलने पर ही वह सोच-समझकर चुनाव कर सकता है।

FSSAI और सरकारों से छह सप्ताह में जवाब

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन डब्ल्यू. सांब्रे और न्यायमूर्ति संजय सिंह की पीठ ने FSSAI, केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।

याचिका में त्योहारों के मौसम को देखते हुए बाजार में पनीर और पनीर के नाम से बेचे जा रहे उत्पादों की सैंपलिंग व जांच कराने की मांग भी की गई। इस पर पीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारी पहले से सैंपलिंग और जांच कर रहे हैं तथा इसके आंकड़े अदालत के सामने रखे गए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि गुजरात, पंजाब, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में नॉन-डेयरी पनीर के खिलाफ कदम उठाए गए हैं। उन्होंने दिल्ली में ऐसे उत्पादों के निर्माण, आपूर्ति, बिक्री और परोसे जाने पर रोक लगाने की मांग की है। फिलहाल हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका पर अंतिम फैसला आना बाकी है।

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