द टारगेट न्यूज़:
दिवाली के त्योहारी सीजन के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा प्रशासन (FSA) ने चंडीगढ़ में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अपनी निगरानी और जांच काफी तेज कर दी है। इसी सिलसिले में सोमवार को मिठाई निर्माताओं और विक्रेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लगभग 40 खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों (FBOs) और उद्योग से जुड़े हितधारकों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान प्रशासन ने सभी निर्माताओं और विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन करने, उच्च स्वच्छता मानक बनाए रखने और केवल अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का उपयोग करने के निर्देश जारी किए। बैठक में यह अनिवार्य किया गया कि सभी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों के पास वैध एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस या पंजीकरण होना चाहिए और उन्हें अपने व्यावसायिक परिसरों में इसे प्रमुखता से प्रदर्शित करना चाहिए। इसके अलावा, दूध और डेयरी उत्पादों जैसे कि खोया, पनीर और घी की खरीद केवल एफएसएसएआई-लाइसेंस प्राप्त या पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही की जानी चाहिए। प्रतिष्ठानों को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया कि वे किस श्रेणी के पनीर (कम वसा वाला, मध्यम वसा वाला या मानक पनीर) की बिक्री कर रहे हैं या खाद्य तैयारी में उसका उपयोग कर रहे हैं। मिलावट रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी करते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में गैर-अनुमत रंगों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और स्वीकृत रंगों का इस्तेमाल भी केवल निर्धारित सीमाओं के भीतर ही किया जाना चाहिए। साथ ही, खाद्य कारोबारियों को डीप-फ्राइंग में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि कुल ध्रुवीय यौगिक (Total Polar Compounds) एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित सीमाओं के भीतर ही रहें। स्वच्छता और कीट नियंत्रण पर विशेष जोर देते हुए प्रशासन ने आदेश दिया कि परिसरों, उपकरणों और बर्तनों को पूरी तरह साफ-सुथरा तथा कृन्तकों और कीटों से मुक्त रखा जाए। इसके लिए केवल पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ही कीट नियंत्रण (pest control) कराया जाना चाहिए। परिसर में किसी भी बासी या खराब हो चुके खाद्य पदार्थ और मिठाई को बिल्कुल नहीं रखा जाना चाहिए। खाद्य संचालकों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता को लेकर निर्देश दिए गए कि वे किसी पंजीकृत चिकित्सक से मेडिकल जांच कराएं। इसके अलावा, काम के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, साफ कपड़े पहनना और बाल कैप जैसे उचित सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय पूरी तरह सतर्क रहें। यदि किसी भी उपभोक्ता को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर कोई चिंता है, अस्वच्छ परिस्थितियां दिखती हैं या मिलावट का संदेह होता है, तो वे इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा एवं मानक विभाग, राजकीय बहु-विशिष्ट अस्पताल, सेक्टर 16, चंडीगढ़ में कर सकते हैं या इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2782457 पर संपर्क कर सकते हैं।


















