Home Una News ऊना में गांधी शिल्प बाजार सजा, देशभर की कला का संगम

ऊना में गांधी शिल्प बाजार सजा, देशभर की कला का संगम

ऊना। राजवीर दीक्षित 

 

(Gandhi Shilp Bazaar set up in Una; a confluence of art from across the country) देशभर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला और हस्तनिर्मित उत्पादों की झलक अब ऊना में देखने को मिल रही है। शहर के पुराने बस अड्डा परिसर में गांधी शिल्प बाजार सज गया है। उपायुक्त जतिन लाल ने मंगलवार शाम बाजार का शुभारंभ किया। यह बाजार 18 अक्तूबर तक चलेगा।

शुभारंभ के बाद उपायुक्त ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और कारीगरों से बातचीत कर उनके उत्पादों तथा उन्हें तैयार करने की पारंपरिक विधियों की जानकारी ली। उन्होंने कारीगरों के हुनर की सराहना की और हस्तशिल्प की वस्तुओं की खरीदारी भी की।

एक ही छत के नीचे देशभर की कारीगरी

बाजार में बनारस, जम्मू-कश्मीर के उधमपुर व बसोहली, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, राजस्थान, झारखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों के कारीगर अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। हिमाचल के कुल्लू, शिमला, चंबा, मंडी, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, बंगाणा और गगरेट की पारंपरिक हस्तशिल्प कला भी यहां आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट कलाओं और हस्तनिर्मित वस्तुओं से सजे स्टॉल लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू करवा रहे हैं।

कारीगरों को बाजार, लोगों को खरीदारी का मौका

गांधी शिल्प बाजार का उद्देश्य पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देना और कारीगरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए मंच उपलब्ध करवाना है। इससे कारीगरों को अपनी कला अधिक लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। वहीं, स्थानीय लोग विभिन्न राज्यों की हस्तनिर्मित वस्तुओं को देखने और खरीदने का लाभ उठा सकते हैं।

बाजार 18 अक्तूबर तक खुला रहेगा। इस दौरान लोग यहां पहुंचकर पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय कला और देश के अलग-अलग हिस्सों की कारीगरी का अनुभव कर सकते हैं।

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