टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वनडे टीम चयन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति पर खुलकर बात की है। गंभीर ने स्पष्ट किया कि हार्दिक का वर्कलोड मैनेजमेंट और उनकी गेंदबाजी क्षमता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
गंभीर का स्पष्ट रुख: फिटनेस है प्राथमिकता
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब गंभीर से पूछा गया कि हार्दिक पांड्या को वनडे टीम में क्यों नहीं चुना गया, तो उन्होंने कहा कि वनडे फॉर्मेट में एक ऑलराउंडर से 10 ओवर गेंदबाजी की उम्मीद की जाती है। गंभीर के अनुसार, हार्दिक की वर्तमान फिटनेस स्थिति उन्हें 50 ओवर के मैच में लगातार 10 ओवर डालने की अनुमति नहीं देती है।
गंभीर ने कहा, ‘वनडे क्रिकेट में आपको ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत होती है जो पूरे 10 ओवर गेंदबाजी कर सकें। हार्दिक की फिटनेस को देखते हुए फिलहाल उनसे यह उम्मीद करना सही नहीं है। हम उनके कार्यभार को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते।’
टीम इंडिया के लिए भविष्य की रणनीति
कोच गंभीर ने जोर देकर कहा कि टीम प्रबंधन का लक्ष्य 2027 के विश्व कप को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित टीम तैयार करना है। उन्होंने कहा कि हार्दिक टी20 फॉर्मेट में अपनी भूमिका बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन वनडे में संतुलन के लिए उन्हें ऐसे खिलाड़ियों की तलाश है जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी अपना पूरा योगदान दे सकें।
वनडे टीम चयन के मुख्य बिंदु:
- हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी क्षमता पर कोच का बड़ा बयान।
- वनडे फॉर्मेट में 10 ओवर की गेंदबाजी अनिवार्य शर्त।
- भविष्य के टूर्नामेंट्स के लिए खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट।
- टीम इंडिया का लक्ष्य एक संतुलित और फिट स्क्वाड तैयार करना।
गंभीर का यह बयान साफ करता है कि टीम इंडिया अब फिटनेस और भूमिका की स्पष्टता पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। हार्दिक का भविष्य में वनडे टीम में वापसी करना उनकी फिटनेस और गेंदबाजी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।



















