शिमला । राजवीर दीक्षित
(Teaching pattern to change in 151 CBSE schools in Himachal; two courses to be discontinued) हिमाचल प्रदेश के 151 सरकारी स्कूलों में पढ़ाए जा रहे सिक्योरिटी और प्लंबिंग के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों पर संकट मंडरा रहा है। सीबीएसई से संबद्ध इन स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से इन दोनों कोर्स को बंद किया जा सकता है। दरअसल, सीबीएसई इन विषयों को मान्यता नहीं देता, जिसके चलते शिक्षा विभाग अब पूरी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
हालांकि, मौजूदा शैक्षणिक सत्र में छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। प्रस्तावित बदलाव शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किया जाना है।
लेकिन असली चुनौती सिर्फ पाठ्यक्रम बंद करने की नहीं, बल्कि इन विषयों को पढ़ा रहे शिक्षकों के भविष्य की भी है। विभाग के सामने सवाल है कि अगर स्कूलों में ये कोर्स बंद हुए तो वहां तैनात शिक्षकों का क्या होगा?
इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने एक वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। इसके तहत सीबीएसई स्कूलों के आसपास मौजूद दूसरे सरकारी स्कूलों में सिक्योरिटी और प्लंबिंग के पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं।ऐसा होने पर इन पाठ्यक्रमों में कार्यरत शिक्षकों को भी नए स्कूलों में तैनात किया जा सकेगा। यानी विभाग की कोशिश है कि कोर्स में बदलाव हो, लेकिन शिक्षकों की नौकरी पर इसका सीधा असर न पड़े।
सरकार की मंजूरी पर टिका फैसला
शिक्षा विभाग में पाठ्यक्रमों के स्थानांतरण और शिक्षकों की तैनाती को लेकर अब अगला फैसला राज्य सरकार के हाथ में है। हाल ही में शिक्षा सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरे मामले पर विस्तार से मंथन किया गया।बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया। अब इसे राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद ही पाठ्यक्रमों के स्थानांतरण और शिक्षकों की नई तैनाती को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। यानी फिलहाल विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अंतिम मुहर सरकार को लगानी है।
सरकारी स्कूलों में बढ़ रहा स्किल एजुकेशन का दायरा
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को रोजगार से जुड़े कौशल भी सिखाए जा रहे हैं। व्यवसायिक शिक्षा के तहत आइटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, कृषि, खुदरा, ऑटोमोबाइल, सुरक्षा, दूरसंचार, मीडिया और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक कार्यों से भी जोड़ना है।इसी दिशा में अब प्रदेश के 302 और सरकारी स्कूलों में व्यवसायिक शिक्षा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।



















