द टारगेट वेब डेस्क
(“Young Hearts at Risk: Most Cardiac Patients Under Punjab’s Sehat Scheme Are Aged 17–35”) पंजाब से सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने युवाओं की सेहत को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 15 जुलाई 2026 तक जिन 135 मरीजों का कैशलेस हृदय उपचार किया गया, उनमें सबसे अधिक 73 मरीज 17 से 35 वर्ष की आयु वर्ग के हैं। इन सभी के इलाज पर अब तक करीब 2.71 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) के अनुसार, इन मरीजों में जन्मजात हृदय रोग, हार्ट वाल्व से जुड़ी बीमारियों और अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं की सर्जरी की गई। इसके अलावा 0 से 16 वर्ष के 17 बच्चों और 36 से 60 वर्ष के 44 लोगों को भी इस योजना का लाभ मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में हार्ट अटैक और हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बिशव मोहन के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, वेपिंग, हुक्का, नशे की लत, तनाव, बेरोजगारी, सोशल मीडिया का बढ़ता दबाव, प्रोसेस्ड और मिलावटी भोजन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बिगड़ती नींद की आदतें इसके प्रमुख कारण हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। अब मरीज पैसों की कमी के कारण इलाज टालने को मजबूर नहीं हैं और समय पर सर्जरी करवा पा रहे हैं।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान या दर्द का हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना जैसे लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से जान बचाई जा सकती है। साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, योग और नशे से दूरी अपनाकर हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



















