नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Silver Hallmarking to Become Mandatory in India)अब सोने के बाद चांदी के गहनों की शुद्धता पर भी सरकार की सख्त नजर रहने वाली है। भारत सरकार जल्द ही चांदी की हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इस फैसले से न केवल उपभोक्ताओं को शुद्ध और प्रमाणित चांदी के गहने मिल सकेंगे, बल्कि बाजार में लंबे समय से चल रही नकली और मिलावटी चांदी की बिक्री पर भी लगाम लगेगी।
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भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से इस योजना की शुरुआत चुनिंदा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। BIS के डायरेक्टर जनरल संजय गर्ग के अनुसार, इस दौरान बड़े ज्वैलर्स के सहयोग से टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा, ताकि चांदी की गुणवत्ता की सही जांच सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि चांदी की हॉलमार्किंग फिलहाल सितंबर से स्वैच्छिक रूप से लागू है, लेकिन अब इसे चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य बनाने की तैयारी है।
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ग्राहकों की सुविधा के लिए BIS Care ऐप और पोर्टल की मदद से 6 अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक HUID कोड के जरिए गहनों की शुद्धता और ज्वैलर से जुड़ी पूरी जानकारी हासिल की जा सकेगी। आंकड़े बताते हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक 23 लाख से अधिक चांदी की वस्तुओं पर HUID लगाया जा चुका है, जो इस पहल को मिल रहे सकारात्मक समर्थन को दर्शाता है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी की कीमतों में तेज उछाल भी इस फैसले की बड़ी वजह है। साल 2025 में चांदी 81,000 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.37 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जिससे यह निवेश का मजबूत विकल्प बनकर उभरी है। ऐसे में सरकार का यह कदम उपभोक्ता हितों की रक्षा के साथ-साथ बाजार में पारदर्शिता लाने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।

















