राजेंद्र सैनी बोले—भारतीय खिलाड़ियों ने तोड़ा पिछला रिकॉर्ड; अम्ब के निशाद कुमार को दी विशेष बधाई
ऊना। ममता भनोट
जापान में आयोजित पांचवें एशियाई पैरा खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 88 पदक अपने नाम किए हैं। भारतीय दल के इस प्रदर्शन से उत्साहित पैरालंपिक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के चेयरमैन राजेंद्र सैनी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय खिलाड़ी इसी प्रदर्शन को जारी रखते हुए पदकों का शतक पूरा करेंगे और देश के लिए नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
राजेंद्र सैनी ने कहा कि भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर देश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों ने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया है, जो भारतीय पैरा खेलों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का उत्साह और आत्मविश्वास इसी तरह बना रहा तो भारत पदकों की संख्या में नया इतिहास रच सकता है।
उन्होंने कहा कि पैरालंपिक इंडिया के अध्यक्ष और पूरी टीम ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल माहौल उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए हैं। खिलाड़ियों को आवश्यक सहयोग मिलने से उनके प्रदर्शन को मजबूती मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय दल आगामी मुकाबलों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए देश की पदक तालिका में और इजाफा करेगा।
अम्ब के निशाद कुमार को दी विशेष बधाई
राजेंद्र सैनी ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अम्ब क्षेत्र से संबंध रखने वाले भारतीय पैरा एथलीट निशाद कुमार को जापान में शानदार प्रदर्शन के लिए विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि निशाद कुमार ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा के दम पर देश और हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ाया है। उन्होंने निशाद कुमार सहित भारतीय दल के सभी खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।
राजेंद्र सैनी ने बताया कि वह स्वयं जापान में मौजूद हैं और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को करीब से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास, ऊर्जा और समर्पण के साथ मुकाबलों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर भारत की पदक संख्या में वृद्धि करेंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश के लिए गर्व का विषय हैं। अब सभी की निगाहें भारतीय दल के आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं और उम्मीद है कि भारत पदकों का शतक पूरा कर एक नया इतिहास रचेगा।


















