चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Introduces AI as Compulsory Subject in Government Schools from Class 1 to 12”) पंजाब सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 12वीं तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अनिवार्य विषय बनाने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने AI आधारित नए पाठ्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों को भविष्य की तकनीक और डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करेगी।
सरकार के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 2,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। इस राशि का उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, आधुनिक शिक्षण सामग्री तैयार करने और शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग देने में किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर AI की नई किताबें छात्रों तक पहुंचा दी जाएंगी। सबसे खास बात यह है कि AI का पाठ्यक्रम स्थायी नहीं रहेगा, बल्कि हर छह महीने में अपडेट किया जाएगा ताकि छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों की ताज़ा जानकारी मिलती रहे।
नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। उन्हें लाइव ऑनलाइन क्लासों के जरिए AI के नए कॉन्सेप्ट और आधुनिक शिक्षण तरीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे वे छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया जैसे कई विकसित देशों में स्कूल स्तर पर AI शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। पंजाब सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूलों के छात्र भी वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा प्राप्त करें और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार हों।
इस फैसले के साथ पंजाब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक AI शिक्षा को संरचित रूप से लागू किया है। सरकार का मानना है कि यह पहल छात्रों को डिजिटल अर्थव्यवस्था, आधुनिक तकनीक और भविष्य के रोजगार के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी।



















