चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Voter List Big Update”) पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू होने से पहले हुई जांच में करीब 1.80 करोड़ वोटर्स के रिकॉर्ड चेक किए गए, जिनमें से लगभग 37 लाख वोटर कार्ड्स में गड़बड़ियां पाई गई हैं। यानी हर 5 में से 1 वोटर के डेटा में किसी न किसी तरह की त्रुटि सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा गड़बड़ियां अमृतसर जिले में मिली हैं, जहां करीब 30% वोटर रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए। इसके बाद मोहाली, पटियाला, जालंधर और लुधियाना जैसे जिलों में भी 20% से ज्यादा वोटर कार्ड्स में गलतियां सामने आई हैं। इनमें नाम, पता, उम्र, स्पेलिंग मिस्टेक और परिवार के सदस्यों की उम्र में असामान्य अंतर जैसी समस्याएं शामिल हैं।
चुनाव विभाग का कहना है कि कई पुराने रिकॉर्ड्स को नए सॉफ्टवेयर से मैप किया जा रहा है, जिसकी वजह से ये त्रुटियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार जिन वोटर्स का डेटा संदिग्ध पाया गया है, उनकी घर-घर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। अगर दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो रिकॉर्ड अपडेट कर दिया जाएगा।
वहीं जिन लोगों का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं होगा, उन्हें नोटिस देकर 7 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी असहमति होने पर जिला चुनाव अधिकारी और फिर मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के पास अपील की जा सकेगी।
SIR प्रक्रिया 25 जून से शुरू होगी और 1 अक्टूबर को अंतिम वोटर सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग का दावा है कि इसका मकसद फर्जी, डुप्लीकेट और गलत वोटर एंट्री हटाकर साफ और पारदर्शी वोटर लिस्ट तैयार करना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष बनाई जा सके।



















