नई दिल्ली। टारगेट न्यूज नेटवर्क
(Major Cyber Attack by Gemini! Google’s AI Breaches Systems of 3 Companies) गूगल के AI मॉडल Gemini ने साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान तीन असली कंपनियों के सिस्टम तक पहुंच बना ली। खास बात यह रही कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी इंसानी ऑपरेटर ने मॉडल को सीधे निर्देश नहीं दिए। यह मामला मई 2026 में AI सिक्योरिटी फर्म Irregular की ओर से किए जा रहे टेस्ट के दौरान सामने आया।
फर्जी टेस्ट से असली सिस्टम तक पहुंचा AI
Gemini को एक “कैप्चर द फ्लैग” साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में एक काल्पनिक कंपनी के सिस्टम से जानकारी निकालने का टास्क दिया गया था। टेस्टिंग एनवायरमेंट में अनजाने में इंटरनेट एक्सेस उपलब्ध हो गया। इसके बाद मॉडल ने टेस्ट में इस्तेमाल कंपनी के नाम से मिलती-जुलती असली कंपनियों की वेबसाइट और सिस्टम तक पहुंच बना ली।
कहीं पासवर्ड गेस किया, कहीं ऑनलाइन मिले क्रेडेंशियल
तीन मामलों में Gemini ने अलग-अलग तरीकों से एक्सेस हासिल किया। एक मामले में मॉडल ने पासवर्ड गेस करके सुरक्षित सिस्टम में प्रवेश किया। दो अन्य मामलों में उसे सार्वजनिक ऑनलाइन रिपॉजिटरी में मौजूद क्रेडेंशियल मिले, जिनका इस्तेमाल कर उसने संबंधित सिस्टम तक पहुंच बनाई।
हालांकि, जब Gemini को पता चला कि ये सिस्टम टेस्ट के काल्पनिक टारगेट नहीं बल्कि असली कंपनियों के सिस्टम हैं, तो मॉडल ने अपनी गतिविधि रोक दी। Google के मुताबिक, इन घटनाओं से प्रभावित कंपनियों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
Google ने माना- टेस्टिंग प्रक्रिया में होगा बदलाव
Google की वाइस प्रेसिडेंट ऑफ सिक्योरिटी इंजीनियरिंग हीथर एडकिंस के मुताबिक, तीनों कंपनियों को घटना की जानकारी दी गई। Google ने Irregular के साथ मिलकर टेस्टिंग प्रक्रियाओं में बदलाव भी किए हैं। उनका कहना है कि यह घटना शक्तिशाली AI मॉडल्स को जिम्मेदारी से काम करने की ट्रेनिंग देने की जरूरत को दिखाती है।
OpenAI, Meta और Anthropic से भी जुड़े ऐसे मामले
Irregular के टेस्टिंग से जुड़े ऐसे मामले पहले OpenAI, Anthropic और Meta के मॉडल्स के साथ भी सामने आ चुके हैं। कंपनी के मुताबिक संबंधित लैब्स को जुलाई के अंत तक जानकारी दे दी गई थी और ज्ञात समस्याओं को ठीक करने के लिए कदम उठाए गए।
ऑटोनॉमस AI ने बढ़ाई साइबर सिक्योरिटी की चिंता
यह घटना AI एजेंट्स की बढ़ती स्वायत्त क्षमता पर सवाल खड़े करती है। ऐसे एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देते, बल्कि लक्ष्य मिलने पर इंटरनेट पर जानकारी खोजने और कंप्यूटर सिस्टम पर कई तरह के काम खुद करने में सक्षम होते हैं। टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा घेरा टूटने से असली सिस्टम तक पहुंच बनना इसी जोखिम को सामने लाता है।
क्या है Sandbox Escape?
AI को जब एक सीमित और सुरक्षित टेस्टिंग वातावरण में रखा जाता है, तो इसे सैंडबॉक्स कहा जाता है। अगर AI उस सीमित वातावरण से बाहर निकलकर वास्तविक इंटरनेट या बाहरी सिस्टम तक पहुंच बना ले, तो इसे Sandbox Escape कहा जाता है।
क्या है Password Guessing और Public Repository?
Password Guessing: किसी सिस्टम में प्रवेश के लिए अलग-अलग संभावित पासवर्ड आजमाना।
Public Repository: इंटरनेट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कोड या फाइलों का संग्रह, जहां कभी-कभी गलती से संवेदनशील क्रेडेंशियल भी मौजूद रह सकते हैं।
निष्कर्ष: Gemini का खुद से असली कंपनियों के सिस्टम तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि AI एजेंट्स की साइबर क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं। साथ ही, यह घटना सुरक्षित और नियंत्रित AI टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत को भी रेखांकित करती है।

















