चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Kapurthala Mayor Election Dispute: High Court Seeks Complete Video Recording and Records of July 8 Meeting) पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह 8 जुलाई को नगर निगम कपूरथला में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव से जुड़ी पूरी कार्यवाही का रिकॉर्ड, जिसमें संपूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल हो, अदालत में पेश करे।
न्यायमूर्ति दीपक सिब्बल और न्यायमूर्ति रुपिंदर चहल की खंडपीठ ने चुनाव की वैधता को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 14 जुलाई तय की है।
यह याचिकाएं कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह और 26 निर्वाचित पार्षदों द्वारा दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं ने 8 जुलाई को हुई कथित पहली बैठक में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को अवैध बताया है।
याचिका में कहा गया है कि 26 मई को हुए नगर निगम चुनाव में कांग्रेस और उसके समर्थकों को स्पष्ट बहुमत मिला था। 50 पार्षदों और विधायक को मिलाकर बने निर्वाचन मंडल में कांग्रेस समर्थित पक्ष के पास 27 वोट थे, जबकि सत्तारूढ़ दल के पास 24 वोट थे।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 के अनुसार अधिसूचना जारी होने के 30 दिनों के भीतर पहली बैठक आयोजित करना अनिवार्य था। चूंकि अधिसूचना 8 जून को जारी हुई थी, इसलिए 7 जुलाई अंतिम वैध तिथि थी, लेकिन बैठक 8 जुलाई को आयोजित की गई।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बैठक में केवल सत्तापक्ष के 24 पार्षदों से ही बातचीत की गई। कांग्रेस समर्थित पार्षदों को न तो अपने उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करने का अवसर दिया गया और न ही मतदान कराया गया। आरोप है कि बिना हाथ उठाकर मतदान, मतगणना या औपचारिक परिणाम घोषित किए ही मेयर चुने जाने की घोषणा कर दी गई।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जबकि अधिकारियों ने पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए थे, वास्तव में केवल चुनिंदा हिस्से की ही रिकॉर्डिंग की गई।
याचिका में 8 जुलाई की पूरी कार्यवाही को रद्द करने, स्वतंत्र पर्यवेक्षक की निगरानी में नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने तथा पूरी वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखकर अदालत में प्रस्तुत करने की मांग की गई है।



















