Home Accident चलती बस बनी आग का ताबूत, 9 जिंदा जले

चलती बस बनी आग का ताबूत, 9 जिंदा जले

नोएडा। राजवीर दीक्षित 

(Moving bus becomes coffin of fire, 9 burnt alive) यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात एक दर्दनाक हादसे ने 9 परिवारों को उजाड़ दिया। जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर दूर एक चलती स्लीपर AC बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसे में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जिनमें 8 पुरुष और एक महिला शामिल है। बस में करीब 35 यात्री सवार बताए गए हैं।

हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रात 9:30 बजे महोबा के लिए रवाना हुई थी। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया।

बस में जलने की गंध, फिर धधक उठी पूरी बस

FIR में यात्री सुनील कुमार के हवाले से बताया गया है कि आग लगने से पहले बस में जलने जैसी गंध आ रही थी। आरोप है कि यात्रियों ने ड्राइवर और क्लीनर को सिगरेट पीने से रोकने की कोशिश भी की, लेकिन दोनों ने कथित तौर पर उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसके कुछ समय बाद बस में आग लग गई।

आरोप यह भी है कि आग लगने के बावजूद बस को तुरंत नहीं रोका गया। यात्रियों के खिड़कियों के शीशे तोड़ने के बाद बस को रोका गया।

19 चालान, ₹1.75 लाख जुर्माना… फिर भी सड़क पर दौड़ रही थी बस?

हादसे के बाद बस के रिकॉर्ड ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक बस मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। इस बस के खिलाफ पहले 19 चालान हो चुके थे और करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका था।

पुलिस ने मामले में बस के ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को गिरफ्तार किया है।

45 मिनट तक धधकती रही बस, 2 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस का बड़ा हिस्सा जल चुका था।

फायरकर्मियों ने बस के पिछले हिस्से को काटकर अंदर प्रवेश किया और एक-एक कर शवों को बाहर निकाला। पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 2 घंटे तक चला। शव बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान में भी मुश्किल सामने आई।

चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन में आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मंत्री ने जताया दुख, ड्राइवर का लाइसेंस रद्द

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और इसका मालिक कानपुर का बताया जा रहा है। उन्होंने भी यात्रियों द्वारा बस में अजीब गंध की शिकायत किए जाने की बात कही।

मंत्री के मुताबिक, इमरजेंसी गेट नहीं खोले जाने की बात भी सामने आई है। ड्राइवर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—बस में पहले से खामियां और चालान होने के बावजूद वह सड़क पर कैसे दौड़ रही थी? हादसे की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।

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