चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(Punjab Govt Offices Hit by Strike, Key Services Affected) पंजाब में सरकारी कामकाज करवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन की ओर से शुरू की गई तीन दिवसीय हड़ताल के चलते राज्य के अधिकांश सरकारी दफ्तरों में कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। यह हड़ताल 5 अगस्त से शुरू होकर 7 अगस्त तक जारी रहेगी। ऐसे में यदि आप जमीन की रजिस्ट्री, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, एनओसी, इंटकाल, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ा कोई काम करवाने की सोच रहे हैं, तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
यूनियन के अनुसार पहले दो दिनों तक कर्मचारी “पेन डाउन” और “कंप्यूटर शटडाउन” हड़ताल पर रहेंगे, जबकि तीसरे दिन सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन करेंगे। यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी लंबित और जायज मांगों पर जल्द फैसला नहीं करती, तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
हड़ताल का सबसे अधिक असर राजस्व, परिवहन और प्रशासनिक विभागों पर देखने को मिलेगा। जमीन की रजिस्ट्री, म्यूटेशन (इंटकाल), एनओसी, विभिन्न प्रमाण पत्रों की वेरिफिकेशन और सरकारी फाइलों की प्रोसेसिंग पूरी तरह प्रभावित रहेगी। परिवहन विभाग में क्लेरिकल स्टाफ के हड़ताल पर होने से ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण (आरसी), फिटनेस सर्टिफिकेट और अन्य संबंधित सेवाओं का कार्य भी प्रभावित होगा।

हालांकि राज्य के सेवा केंद्र (सेवा केंद्र) खुले रहेंगे और नागरिकों से आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन संबंधित विभागों में कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण इन आवेदनों की जांच और वेरिफिकेशन नहीं हो सकेगी। इससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
यूनियन ने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कार्यालय में उपस्थित रहने के बावजूद किसी भी फाइल या कंप्यूटर पर कार्य न करें। साथ ही, हड़ताल को सफल बनाने के लिए विशेष टीमें विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण भी करेंगी। यदि कोई कर्मचारी हड़ताल के दौरान काम करता पाया गया, तो उसके खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
ऐसे में आम लोगों को सलाह दी जाती है कि यदि उनका कोई जरूरी सरकारी कार्य है, तो हड़ताल समाप्त होने के बाद ही संबंधित कार्यालय जाएं या पहले विभाग से स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।



















