नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(Petrol-Diesel May Get Cheaper in India)अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक कच्चे तेल बाज़ार पर साफ़ दिखाई देने लगा है, लेकिन इस संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर सामने आ रही है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट संभव है, जिसका सीधा फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं को मिल सकता है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर कच्चा तेल 50 डॉलर प्रति बैरल तक गिरता है, तो भारत का आयात बिल कम होगा, महंगाई पर दबाव घटेगा और पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में प्रति लीटर 5 रुपये तक की कटौती संभव है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतें पहले ही नरमी के संकेत दे रही हैं। अमेरिकी WTI क्रूड 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि ब्रेंट क्रूड 61 डॉलर के आसपास बना हुआ है।
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SBI रिसर्च के मुताबिक, जून 2026 तक कच्चे तेल की कीमतें 50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो अमेरिकी कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 14 प्रतिशत और ब्रेंट क्रूड में करीब 19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे न केवल भारत का आयात खर्च घटेगा, बल्कि रुपये को भी मजबूती मिल सकती है।
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रिपोर्ट के अनुसार, कम ऊर्जा कीमतों से वित्त वर्ष 2026-27 में CPI आधारित महंगाई 3.4 प्रतिशत से नीचे रह सकती है। साथ ही, GDP ग्रोथ में 0.1 से 0.15 प्रतिशत तक अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेनेज़ुएला का तेल बड़े पैमाने पर वैश्विक बाज़ार में लौटता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर और दबाव बनेगा, जिससे भारत को दीर्घकालिक आर्थिक राहत मिल सकती है।

















