thetargetnews.in ब्यूरो: फुटबॉल के मैदान पर अक्सर करोड़ों की बोली लगती है, लेकिन खेल जगत के इतिहास में कुछ ऐसे ट्रांसफर भी हुए हैं जिन्होंने सबको हैरान कर दिया। रोमानियाई डिफेंडर मारियस सियोरा का मामला फुटबॉल इतिहास के सबसे विचित्र और अपमानजनक सौदों में गिना जाता है, जिसने न केवल खिलाड़ी का करियर खत्म कर दिया बल्कि खेल की गरिमा पर भी सवाल खड़े किए।
क्या था पूरा मामला
साल 2006 में रोमानियाई क्लब यूटी अराद ने अपने डिफेंडर मारियस सियोरा को प्रतिद्वंद्वी क्लब रेगल होर्निया को बेचने का फैसला किया। इस ट्रांसफर की कीमत सुनकर हर कोई दंग रह गया। क्लब ने सियोरा को महज 15 किलो पोर्क सॉसेज (सूअर के मांस से बनी डिश) के बदले दूसरे क्लब को सौंप दिया। यह सौदा न केवल अजीब था, बल्कि सियोरा के लिए बेहद अपमानजनक साबित हुआ।
खिलाड़ी का करियर और उसके बाद का जीवन
इस ट्रांसफर के बाद सियोरा को अपने साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच लगातार मजाक का पात्र बनना पड़ा। हर कोई उन्हें ‘सॉसेज वाला खिलाड़ी’ कहकर चिढ़ाने लगा। इस मानसिक दबाव को झेलना उनके लिए नामुमकिन हो गया और उन्होंने ट्रांसफर के अगले ही दिन पेशेवर फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर दी।
फुटबॉल के मैदान पर अपनी मेहनत से पहचान बनाने वाले खिलाड़ी के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं था कि उसकी कीमत महज खाने की कुछ सामग्री तय कर दी जाए।
संन्यास लेने के बाद सियोरा ने फुटबॉल की चकाचौंध भरी दुनिया को पूरी तरह अलविदा कह दिया और स्पेन जाकर एक फार्म में काम करने लगे, ताकि वे इस कड़वी याद से दूर रह सकें।
फुटबॉल में अजीबोगरीब ट्रांसफर के अन्य उदाहरण
सियोरा अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जिन्हें अजीब चीजों के बदले बेचा गया। फुटबॉल जगत में ऐसे कई किस्से मौजूद हैं:
- नॉर्वेजियन फुटबॉलर केनेथ क्रिस्टियनसेन का ट्रांसफर 75 किलो झींगा (shrimp) के बदले किया गया था, जो उनके शरीर के वजन के बराबर था।
- कई स्थानीय स्तर के मैचों में खिलाड़ियों को खेल के सामान या क्लब की फीस के बदले भी ट्रांसफर किया जाता रहा है।
यह घटनाएं दर्शाती हैं कि निचले स्तर के फुटबॉल क्लबों में खिलाड़ियों के प्रति संवेदनशीलता की कमी किस हद तक गिर सकती है। सियोरा का मामला आज भी फुटबॉल जगत में एक चेतावनी के रूप में याद किया जाता है कि खिलाड़ियों का सम्मान किसी भी सौदे से बढ़कर होना चाहिए।



















