चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Mumbai Protest Video Row: Police Clarifies Viral Clip, Says Facts Being Misinterpreted) मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी पर महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित बदसलूकी करने का आरोप लगाया गया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई।
हालांकि, मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वायरल वीडियो की गलत व्याख्या की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, संबंधित अधिकारी एक पुरुष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रहा था, तभी एक महिला प्रदर्शनकारी अचानक बीच में आ गई, जिससे वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
इस वीडियो को कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया था, जबकि एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुंबई पुलिस ने X पर जारी बयान में कहा कि उनके कर्मचारी के व्यवहार को लेकर “बेहद गैर-जिम्मेदाराना और गलत निष्कर्ष” निकाले जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो की बारीकी से जांच की है और सभी तथ्यों की पुष्टि की है।
डीसीपी (ऑपरेशंस) अकबर पठान ने भी स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी की नजर दूसरी दिशा में थी और वह पुरुष प्रदर्शनकारी को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान महिला बीच में आ गई, जिससे वीडियो देखने वालों को गलत संदेश गया।
फिलहाल इस मामले में किसी भी तरह का एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को दादर के शिवाजी पार्क मैदान में छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने की कार्रवाई की, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी गिर पड़े और इसी दौरान बना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।



















